Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बागी विधायकों पर विश्वासघात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब हिंदुत्व के नाम पर बीजेपी और शिवसेना को अछूत माना जाता था। कोई भी भाजपा के साथ जाने को तैयार नहीं था। सीएम ठाकरे ने कहा, 'बालासाहेब ने कहा था कि हिंदुत्व वोटों का विभाजन नहीं होना चाहिए। हम भाजपा के साथ रहे। अब इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि विधायक अगर वहां जाना चाहते हैं तो वे सभी जा सकते हैं। कांग्रेस और एनसीपी हमारा समर्थन कर रही है। शरद पवार और सोनिया गांधी ने हमारा समर्थन किया, लेकिन हमारे ही लोगों ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा। हमने ऐसे लोगों को टिकट दिया जो जीत नहीं सकते थे। हमने उन्हें विजयी बनाया। उन्हीं लोगों ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने हमें छोड़ दिया उनके पास भाजपा में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। बीजेपी सिर्फ शिवसेना को खत्म करना चाहती है। उद्धव ठाकरे ने कहा, 'अगर आपको लगता है कि मैं बेकार हूं और पार्टी चलाने में असमर्थ हूं, तो मुझे बताएं। मैं खुद को पार्टी से अलग करने के लिए तैयार हूं। आपने अब तक मेरा सम्मान किया क्योंकि बालासाहेब ने ऐसा कहा था। अगर आप कहते हैं कि मैं अयोग्य हूं तो मैं अभी पार्टी छोड़ने को तैयार हूं।'

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ दिन पहले मुझे शक हुआ तो मैंने एकनाथ शिंदे को फोन किया। कहा, 'शिवसेना को आगे ले जाने का अपना कर्तव्य निभाओ, ऐसा करना सही नहीं है।' उन्होंने मुझसे कहा एनसीपी-कांग्रेस हमें खत्म करने की कोशिश कर रही है। विधायक चाहते हैं कि हम भाजपा के साथ जाएं। ठाकरे ने कहा, 'मैंने उनसे कहा जो विधायक ये चाहते हैं उन्हें मेरे पास लाओ। भाजपा, जिसने हमारी पार्टी, मेरे परिवार को बदनाम किया। वही है जिसके साथ जाने की आप बात कर रहे हैं। ऐसा सवाल ही नहीं उठता।'

Posted By: Arvind Dubey

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