Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने साफ कहा है कि वो बागियों के सामने हथियार नहीं डालेंगे और आर-पार की लड़ाई को भी तैयार हैं। सरकार बचाने की कोशिशों को लेकर उनकी शरद पवार के साथ बैठक हुई। इस बैठक में एनसीपी चीफ शरद पवार, डिप्टी सीएम अजीत पवार, प्रफुल्ल पटेल और कैबिनेट मंत्री जयंत पाटिल मातोश्री पहुंचे। करीब 2 घंटे तक इस बैठक में सरकार बचाने की संभावनाओं पर गहन विमर्श हुआ। कल यानी शनिवार को शिवसेना ने कल दोपहर 1 बजे मुंबई के सेना भवन में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होंगे। ।

उधर, तमाम धमकियों और भावनात्मक अपील के बावजूद बागी विधायकों की संख्या बढ़ती जा रही है। आज महाराष्ट्र शिवसेना के एक और विधायक दिलीप लांडे, गुवाहाटी होटल पहुंचे और बागी विधायकों के साथ शामिल हो गये। इनके अलावा राजेश क्षीरसागर के भी गुवाहाटी पहुंचने की खबर है। इन बागी विधायकों के नेता एकनाथ शिंदे का दावा है कि अब उन्हें शिवसेना के 38 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। आपको बता दें कि दल-बदल कानून से बचने से के लिए उन्हें 37 विधायकों की जरुरत है। ऐसे में एक और विधायक के जुड़ने से उनकी स्थिति और मजबूत हो गई है।

वैसे, ताजा घटनाक्रम में महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष ने विधायक अजय चौधरी को राज्य विधानसभा में शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में नियुक्त करने के शिवसेना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस संबंध में डिप्टी स्पीकर कार्यालय की ओर से शिवसेना कार्यालय को पत्र भेजा गया है।

उधर, शिवसेना चीफ और सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वो पार्टी के अध्यक्ष का पद छोड़ने को तैयार हैं, बशर्ते बागी विधायक वापस लौटें और खुद उनसे बात करें। वैसे उन्होंने ये भी कहा कि वो हथियार नहीं डालेंगे और अगर बागी विधायक वापस नहीं लौटे, तो अब आर-पार की लड़ाई होगी।

Posted By: Shailendra Kumar

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