जम्मू। पुलवामा हमले से देश में उपजे हालात में कश्मीरियों की सुरक्षा के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला एक मंच पर आ गए हैं। सोमवार को कश्मीर केंद्रित पार्टियों पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं ने शांति के लिए संयुक्त अपील करने के साथ केंद्र से देश में कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। दोनों नेता सोशल साइट ट्विटर पर भी सक्रिय रहे।

महबूबा ने ट्विटर पर केंद्र को पाकिस्तान को छोड़ घर संभालने की सलाह देने के साथ लिखा कि लम्हों ने खता की सदियों ने सजा पाई। उमर ने लिखा कि पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर पाए तो कश्मीरियों को अलग थलग करने की कोशिश शुरू हो गई। ऐसे गुंडों के लिए कश्मीरियों और पाकिस्तानियों में कोई अंतर नहीं है।

महबूबा, उमर ने कहा है कि धर्म और क्षेत्र के आधार पर बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना सही नही है। यह जवानों के शहादत का सम्मान नहीं है। जवानों पर हमला कश्मीर या जम्मू के मुस्लिमों ने नहीं आतंकवादियों ने किया था। इस समय हिसा हमें विभाजित करने के लिए हो रही है। इस समय आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है।

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