26 जनवरी के पहले सेना को बड़ी सफलता मिली है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कठुआ के हीरानगर के पानसर में एक और सुरंग ढूंढ निकाली। बीएसएफ ने गणतंत्र दिवस से पहले 10 दिन के भीतर दूसरी सुरंग ढूंढ निकाली है। इससे पहले बीएसएफ ने 13 जनवरी को हीरानगर के ही बोबिया में सुरंग का पता लगाया था। इसके बाद से जवान पूरी तरह से अलर्ट होकर पाकिस्तान की सुरंगों की साजिश को नाकाम करने के लिए तलाशी अभियान में जुटे थे। जवानों ने शनिवार दोपहर को पानसर क्षेत्र के रठुआ के पास एक और सुरंग का पता लगाया। इसके बाद बीएसएफ के आइजी एनएस जम्वाल और डीआइजी हरी लाल मौके पर पहुंचे। इस बीच, एसएसपी शैलेंद्र मिश्रा भी पहुंचे और जांच की। बता दें कि बोबिया और पानसर में मिली सुरंगों के बीच महज सात किलोमीटर का अंतर है। बीएसएफ के आइजी एनएस जम्वाल ने करीब दो घंटे तक जांच करने के बाद बताया कि 17 जनवरी को बीएसएफ की 19 बटालियन को एक गड्ढा मिला था। जांच में जवानों ने सुरंग को ढूंढ निकाली है। जम्वाल ने बताया कि यह सुरंग भी नई नहीं है। यह कितनी पुरानी है और क्या इसे घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किया गया है या नहीं, यह सब जांच का विषय है।

आइजी जम्वाल ने बताया कि सुरंग जीरो लाइन से भारतीय क्षेत्र के अंदर करीब 150 मीटर तक खोदी गई है। जहां यह सुरंग मिली है, वह क्षेत्र भारत के रठुआ गांव में पड़ता है, जबकि पाकिस्तान का उस पार अभियाल डोगरा और किगरे दा कोठा क्षेत्र पड़ता है। सीमा के पार पूरी तरह से घना जंगल है। इसकी आड़ में पाकिस्तान साजिश करता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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