कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नेताओं और अन्य जनप्रतिनिधियों का भाजपा से जुड़ने का सिलसिला जारी है। इस बीच तृणमूल की मुखिया और राज्य की सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य भर के नगर निकायों को वार्ड पार्षदों के साथ बैठक की और कहा कि मुझे पार्टी में चोरों की जरुरत नहीं है। भ्रष्टाचारी और बागी चोर को लेकर भाजपा तृणमूल का कचरा बटोर रही है।

कोलकाता में हुई बैठक में ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि तृणमूल कमजोर पार्टी नहीं है। मुझे परवाह नहीं है अगर 15-20 पार्षद पैसा लेकर पार्टी छोड़ते हैं। यदि कोई विधायक पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो वह भी छोड़ सकते है। ताकि हम विकास कार्यों को सुचारू रख सकें। हम अपनी पार्टी में चोर नहीं चाहते हैं। कोई एक अगर पार्टी छोड़ता है तो मैं 500 कार्यकर्ता तैयार कर लूंगी।

चोरी कर दल बदलने से नहीं मिलेगी रिहाई

पार्षदों को आगाह करते हुए ममता ने कहा कि चोरी कर पकड़ में आने से ही पार्षद पार्टी छोड़ दूसरे दल में चले जा रहे हैं। बैठक के दौरान सीएम ममता ने कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम को निर्देश दिया कि हर मामले की अलग जांच होनी चाहिए और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस रामधुन पार्टी नहीं है कि जिसकी जो मर्जी वो वैसा करे। कई इलाकों में ठीक से काम नहीं हुआ है, काम की जिम्मेदारी पार्षदों की है, पार्षद यदि ठीक से काम नहीं करते तो इससे पार्टी की बदनामी होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुझे सब पता है कि कैसे सरकारी संपत्ति को कई लोगों ने अपने नाम कर लिया है, लेकिन सबकी जांच होगी और किसी को छूट नहीं मिलेगी। ममता बनर्जी ने अपने पार्षदों को निर्देश दिया कि सिर्फ प्रमोटिंग के काम पर ध्यान देने से काम नहीं चलेगा इलाके के विकास के लिए लोगों के साथ मिल कर काम करना होगा।

Posted By: Neeraj Vyas