नई दिल्ली। देश में इन दिनों आर्थिक मंदी की आहट आने लगी है। इस पर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर हो गया है। आमतौर पर किसी मुद्दे पर राय ना रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भी PM मोदी की आर्थिक नीतियों की पिछले दिनों आलोचना कर चुके हैं। अब एक बार फिर मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी को अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने के लिए चेताया है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बेपटरी हो रही है। अब इसे दोबारा पटरी पर लाने और देश को मंदी से उबारने के लिए तत्काल जरुरी कदम उठाने की जरुरत है।

मनमोहन सिंह ने बिगड़ती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार अभी सुधार के लिए जरुरी कदम उठाती हैं तो देश को इस मंदी से उबरने में कुछ साल लग जाएंगे।

पूर्व पीएम सिंह ने मोदी नसीहत देते हुए कहा कि 'हेडलाइन मैनेजमेंट' से सरकार बाहर आए। बता दें कि पूर्व पीएम महमोहन सिंह खुद भी एक जाने माने अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने कहा कि 'हमें सबसे पहले यह जानना जरुरी है कि आखिर हम किस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं।'

एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में मनमोहन सिंह के कहा कि आर्थिक मंदी लंबी खिंच सकती है, क्योंकि यह चक्रीय होने के साथ ही ढांचागत भी है। आर्थिक मंदी से उबरने के लिए ढांचागत सुधारों की बात कहते हुए मनमोहन सिंह ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि वे आर्थिक वृद्धि पर फोकस ना करते हुए जनता द्वारा दिए गए ऐतिहासिक मतदान को बर्बाद कर रही है।

सिंह ने कहा कि 'हम इस बात से इंकार नहीं कर सकते हैं देश आर्थिक संकट से गुजर रहा है। वैसे ही बहुत ज्यादा समय खो चुके हैं। ऐसे में सेक्टर वाइज एप्रोच लेने या नोटबंदी जैसी भूलों से बचना जरुरी है। अब वक्त आ चुका है कि ढांचागत सुधारों के अगले चरण में बढ़ते हुए ऐसे सेक्टर्स को प्रमोट किया जाए जो बड़ी संख्या में रोजगार को उत्पन्न करते हैं।'

पूर्व प्रधानमंत्री ने इन 5 बिंदुओं पर दी सलाह

1. GST का दोबारा युक्तिसंगत निर्धारण किया जाए। भले ही शुरुआत में थोड़े समय के लिए राजस्व का नुकसान हो।

2. ग्रामीण क्षेत्रों में कंजम्पशन को बढ़ाने और एग्रीकल्चर सेक्टर को दोबारा रिवाइव करने पर फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कांग्रेस के घोषणा पत्र से क्लू ले सकती है, जिसमें एग्रीकल्चर बाजार को मुक्त करने के लिए कई बिंदु शामिल किए गए है।

3. पैसों की तरलता को भी चिन्हित करने की जरुरत है। मनमोहन सिंह ने कहा कि ना सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र बल्कि NBFC भी इस संकट से जूझ रहे हैं।

4. बड़ी संख्या में रोजगार देने वाले सेक्टर जैसे कपड़ा, ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाउसिंग को रिवाइव किया जाए। MSME को आसान लोन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

5. यूएस और चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर के बीच सरकार को नया एक्सपोर्ट मार्केट खोजने की जरुरत है।