नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिये देश को संबोधित कर रहे हैं। जम्‍मू और कश्‍मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद यह पीएम मोदी का यह पहला मन की बात कार्यक्रम है।

मोदी ने कहा कि- हमारा देश इन दिनों एक तरफ वर्षा का आनंद ले रहा है, तो दूसरी तरफ हिंदुस्तान के हर कोने में किसी न किसी प्रकार से उत्सव और मेलों की धूम है। दीवाली तक सब-कुछ यही चलेगा।

पिछले दिनों हम लोगों ने कई उत्सव मनाए। कल, हिन्दुस्तान में श्री कृष्ण जन्म-महोत्सव मनाया गया। मित्रता कैसी हो, तो सुदामा वाली घटना कौन भूल सकता है और युद्ध भूमि में इतनी सारी महानताओं के बावजूद भी सारथी का भार स्वीकारना।

कोई कल्पना कर सकता है कि कैसा व्यक्तित्व होगा उनका कि आज हजारों साल के बाद भी समस्याओं के समाधान के लिए कृष्ण का उदाहरण दे सकते हैं। हर कोई व्यक्ति श्री कृष्ण के जीवन से वर्तमान की समस्याओं का समाधान ढूंढ सकता है।

आपसे बात कर रहा हूं, तो दो मोहन की तरफ मेरा ध्यान जाता है। एक सुदर्शन चक्रधारी मोहन, तो दूसरे चरखाधारी मोहन। सत्य के साथ गांधी का जितना अटूट नाता रहा है, सेवा के साथ भी गांधी का उतना ही अनन्य अटूट नाता रहा है।

गांधी की 150वीं जयन्ती पर तैयारी पर की चर्चा

आज जब हम उत्सवों की चर्चा कर रहे हैं, तो भारत एक और बड़े उत्सव की तैयारी में जुटा है। भारत के साथ-साथ दुनियाभर में इसकी चर्चा है। मैं बात कर रहा हूं महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती की। गांधी जी ने किसानों की सेवा की, जिनके साथ चम्पारण में भेद-भाव हो रहा था। उन मिल मजदूरों की सेवा की, जिन्हें उचित मजदूरी नहीं मिल रही थी। गांधी जी ने गरीब, बेसहारा और कमजोर लोगों की सेवा को अपने जीवन का परम कर्तव्य माना।

गांधी जी ने सेवा शब्दों में नहीं की, बल्कि उसे जीकर सिखाया। सत्य के साथ गांधी जी का जितना अटूट नाता रहा है, सेवा के साथ भी उतना ही अनन्य अटूट नाता रहा है। महात्मा गांधी अनगिनत भारतीयों की तो आवाज बने ही, लेकिन मानव मूल्य और मानव गरिमा के लिए एक प्रकार से वे विश्व की आवाज बन गए थे। ये मेरा बहुत ही सौभाग्य रहा है कि मुझे, पूज्य महात्मा गांधी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जगहों पर जाकर के नमन करने का अवसर मिला है।

Venice Biennale नाम का एक प्रसिद्ध आर्ट शो है, जहां दुनिया भर के कलाकार जुटते हैं। इस बार Venice Biennale के इंडिया पवेलियन में गांधी जी की यादों से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें हरिपुरा पैनल्स विशेष रूप से दिलचस्प थे।

खुले मुक्त शौच और प्लास्टिक बैन पर चले मुहिम

आपको याद होगा कि पिछले कुछ सालों में हम 2 अक्टूबर से पहले लगभग 2 सप्ताह तक देशभर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाते हैं। इस बार ये 11 सितम्बर से शुरू होगा। इस बार 2 अक्टूबर को जब बापू की 150वीं जयंती मनाएंगे, तो इस अवसर पर हम उन्हें न केवल खुले में शौच से मुक्त भारत समर्पित करेंगे, बल्कि उस दिन पूरे देश में प्लास्टिक के खिलाफ एक नए जन-आंदोलन की नींव रखेंगे।

कई व्यापारी भाइयों-बहनों ने दुकान में एक तख्ती लगा दी है, जिस पर यह लिखा है कि ग्राहक अपना थैला साथ ले करके ही आएं। इससे पैसा भी बचेगा और पर्यावरण की रक्षा में वे अपना योगदान भी दे पाएंगे। मैं समाज के सभी वर्गों से, निवासियों से अपील करता हूं कि इस वर्ष गांधी जयंती एक प्रकार से हमारी इस भारत माता को प्लास्टिक कचरे से मुक्ति के रूप में मनाएं। महात्मा गांधी जयंती का दिन एक विशेष श्रमदान का उत्सव बन जाए।

कुपोषण के बारे में जागरुक हों

हमारी संस्कृति में अन्न की बहुत अधिक महिमा रही है। संतुलित और पोषक भोजन हम सभी के लिए जरुरी है।आज, जागरुकता के आभाव में कुपोषण से गरीब भी और संपन्न भी, दोनों ही तरह के परिवार प्रभावित हैं। पूरे देश में सितंबर महीना ‘पोषण अभियान’ के रूप में मनाया जाएगा। आप जरुर इससे जुड़िए, जानकारी लीजिए, कुछ नया जोड़िए।

योग के बारे में सवाल करते हैं लोग

मैंने देखा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कारण से स्थिति ये बन गई है कि दुनिया में जिस किसी मिलता हूं, तो कोई न कोई योग के संबंध में मेरे से सवाल-जवाब करता ही है। मुझे आशा है कि ‘Man Vs Wild’ कार्यक्रम भारत का संदेश, भारत की परंपरा, भारत के संस्कार यात्रा में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, इन सारी बातों से विश्व को परिचित कराने में ये कार्यक्रम बहुत मदद करेगा, ऐसा मेरा पक्का विश्वास बन गया है।

हमारे भारत में क्लाइमेट जस्टिस और क्लीन इन्वायरमेंट की दिशा में उठाए गए कदमों को अब लोग जानना चाहते हैं। मैंने पहले भी कहा है, मैं जरुर कहता हूं आपको। अपने जीवन में पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) जरुर जाइए। आप वहां प्रकृति को देखते ही रह जाएंगे। आपके भीतर का विस्तार होगा।

यह नया भारत है

पिछले महीने मुझे देश में बाघों की संख्या (टाइगर सेंसस) जारी करने का सौभाग्य मिला था। भारत में बाघों की आबादी 2,967 है। यह न्यू इंडिया है। हम लक्ष्यों को जल्दी से जल्दी पूरा करते हैं। हमने 2019 में ही अपने यहां बाघों की संख्या दोगुनी कर दी है। भारत में बाघों की संख्या ही नहीं बल्कि प्रोटेक्टेड एरिया और कम्युनिटी रिजर्व्स की संख्या भी बढ़ी हैं।

भारत में पर्यावरण की देखभाल की चिंता स्वाभाविक नजर आ रही है, लेकिन अब हमें conservation से आगे बढ़ कर compassion को लेकर सोचना ही होगा। आप सभी को याद होगा कि 29 अगस्त को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर हम देश भर में ‘Fit India Movement’ शुरू करने वाले हैं।