नई दिल्ली। केरल और महाराष्ट्र के बाद अब हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश ने कहर बरपाना शुरू किया है। पिछले कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू के कुछ इलाकों में लगातार बारिश से फ्लैश फ्लड और भू-स्खलन की घटनाएं हो रही हैं।

उत्तराखंड में भी बारिश के कारण हालात बिगड़े हुए हैं। उत्तरकाशी के मोरी तहसील में बादल फटने की वजह से तबाही मच गई है। इसमें अब तक 17 लोगों के मारे जाने की सूचना है। इस तरह अब तक बारिश से उत्तराखंडमें 26 लोगों की जान चली गई है। इसके बाद यहां राहत और बचाव कार्य के लिए सेना को लगाया गया है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया जा रहा है।

हिमाचल में तो 70 साल में पहली बार इतनी बारिश हुई है। इसके चलते अब तक 22 लोगों को मौत हो चुकी है। दर्जनों लोग घायल हुए हैं जबकि सात लापता बताए जा रहे हैं। वहीं भारी बारिश के कारण ब्यास नदी उफान पर है।

इसके अलावा भारी बारिश के कारण पंजाब में छह और उत्तर प्रदेश में तीन लोगों की मौत हुई है। हिमाचल में ऊना और शिमला-सोलन के बीच रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। कुल्लू जिले का संपर्क शेष दुनिया से कट चुका है।

20 साल बाद अगस्त में बर्फ

हिमाचल की चोटियों पर 20 साल बाद अगस्त में बर्फबारी देखी गई है। कुल्लू जिले के रोहतांग दर्रे और लाहुल-स्पीति की चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। श्री नैना देवी में सर्वाधिक बारिश : हिमाचल प्रदेश के मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान औसत 102.5 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, इससे पहले 14 अगस्त 2011 को 74 मिलीमीटर और 1950 में 100 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। सबसे अधिक वर्षा श्री नैनादेवी में 330 मिलीमीटर हुई।

हिमाचल प्रदेश मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह के अनुसार, हिमाचल में 24 घंटे के दौरान 1950 से उपलब्ध डाटा के मुताबिक सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। 20 साल बाद प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में अगस्त में बर्फबारी दर्ज की गई है। सोमवार से वर्षा में कमी आएगी।

उत्तराखंड में भी बारिश का कहर, नौ की मौत 15 लापता

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज खतरनाक होता जा रहा है। बीते 24 घंटों के अंतराल में बादल फटने, नदी नालों के उफान और भूस्खलन की घटनाओं में जानमाल का नुकसान हुआ है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 15 लोग नालों के उफान और मलबे के साथ बह गए। जबकि एक ही परिवार के आठ सदस्य मकान के मलबे में दब गए। ऐसे में नौ लोगों की मौत हो गई। जबकि 15 अभी लापता हैं।

उत्तरकाशी के मोरी में बादल फटने की वजह से गांव में तबाही का मंजर है। इसके बाद सेना के दो हेलीकॉप्टर्स को राहत और बचाव उपकरणों के अलावा मेडिकल टीम के साथ रवाना किया गया है।

पंजाब में 81 गांव खाली करवाने के आदेश, छह की मौत

पंजाब में शनिवार रात्रि तेज बरसात के बाद रविवार सुबह मौसम साफ होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि भाखड़ा बांध से पानी छोड़ने के कारण लुधियाना से फिरोजपुर तक सतलुज का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में जालंधर के 81 गांव खाली करवाने के आदेश जारी किए गए हैं। लुधियाना के खन्ना में मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। इसके अलावा तीन लोगों की और मौत हुई है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ली नदियों का जलस्तर बढ़ने पर रिपोर्ट लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं।