नई दिल्ली। लिव-इन रिलेशनशिप पर छिड़ी बहस के बीच इससे जुड़ा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) का एक सर्वे सामने आया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक संगठन से इस सर्वे का निष्कर्ष है कि विवाहित महिलाएं लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं की तुलना में अधिक प्रसन्न रहती हैं।

संघ से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह सर्वे पुणे स्थित दीक्षा स्त्री अध्ययन प्रबोधन केंद्र (डीएसएपीके) ने किया है। इसके निष्कर्षों पर इसी महीने की शुरुआत में पुष्कर में आयोजित समन्वय बैठक में चर्चा भी हुई थी।

सर्वे कहता है कि शादीशुदा महिलाओं में खुशी का स्तर जहां बहुत अधिक था, वहीं लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं में ऐसा सबसे कम पाया गया।

विदेशी मीडिया सामने संघ प्रमुख करेंगे जारी

विदेशी मीडिया के साथ भागवत की बातचीत के बाद सर्वेक्षण के निष्कर्ष जारी किए जाएंगे। RSS के प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने शनिवार को कहा कि संघ प्रमुख की विदेशी मीडिया के साथ बातचीत एक नियमित प्रक्रिया है। यह बैठक संघ के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ बातचीत की निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है। भागवत अंतरराष्ट्रीय मीडिया को संघ, उसके विचारों और उसके कामकाज के बारे में जानकारी देंगे।

राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने की थी ऐसी प्रतिक्रिया

इससे पहले राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने लिव-इन में रहने वाली महिलाओं पर हैरान करने वाली टिप्पणी की थी। आयोग ने बीते दिनों कहा था कि अपने पार्टनर्स के साथ लिव-इन में रहने वाली महिलाएं 'रखैल' के सामने होती हैं। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस महेश चंद्र शर्मा और जस्टिस प्रकाश टांटिया ने इस संबंध में कहा था कि यह राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि इस तरह के संबंधों को रोका जाए।