गुमला। देश के विभिन्न हिस्सों में मॉब लिंचिंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब मानवता को शर्मसार करने वाली खबर झारखंड के गुमल से आई है, जहां डायन के संदेह में चार लोगों को पहले बुरी तरह पीटा और उसके बाद उनकी दला रेंतकर हत्या कर दी। डायन के संदेह में इस हत्याकांड को अंजाम गुमला जिले के सिसई प्रखंड मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी पर सिसकारी गांव में दिया गया।

चश्मदीदों के मुताबिक रविवार तड़के 3 बजे के लगभग 10 से 12 अपराधियों ने घर में से खींचकर चार लोगों को बाहर निकाला और फिर उनकी गला काटकर हत्या कर दी। नरसंहार को अंजाम देने से पहले गांव में हत्यारों ने पंचायत लगाई थी।

चारों लोगों पर ओझा गुनी और टोना-टोटका का आरोप लगाकर उनकी हत्‍या कर दी। पुलिस ने सभीा शवों को कब्‍जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने माना कि चारों लोगों की हत्‍या सुनियोजित घटना है। षडयंत्र पहले से रचा जा रहा था, लेकिन पुलिस को इसकी भनक नहीं लग सकी। जिन लोगों की हत्या की गई है, उनमें 60 वर्षीय चापा उरांव, उसकी पत्नी पीरा उराईन सहित गांव के 2 अन्य लोग शामिल हैं।

चश्मदीदों के मुताबिक डायन के संदेह में सुबह करीब तीन बजे 10 से 12 लोगों ने चांपा उरांव के घर पर धावा बोल दिया। लाठी डंडे और धारदार हथियारों से लैस लोगों ने तीन घरों का दरवाजा खुलवाकर चार लोगों को अपने कब्जे में ले लिया और बाहर से सभी तीन घरों में ताला जड़ दिया। अगवा किए गए सभी लोगों को अपराधी गांव के किनारे ले गए। जहां पहले चारों लोगों की लाठी-डंडे से बुरी तरह पिटाई की गई।

जबरन घर खुलवाकर घुसे अपराधियों ने यहां एक-एक कर चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद घटना को अंजाम देने वाले लोग गांव छोड़ कर भाग गए हैं। गाव के ज्यादातर घरों में ताला लगा हुआ है। ग्राम प्रधान से पुलिस पदाधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार गुमला जिला के सिसई प्रखंड के नगल सिसकारी गांव में रविवार के भोर में तीन बजे डायन का आरोप लगाकर पहली बार नरसंहार को अंजाम दिया गया।

मृतक चापा की बेटी सिलवंती ने घटनास्थल पर पहुंचे बसिया एसडीपीओ दीपक कुमार और सिसई पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी है। पुलिस अनुसंधान में जुट गई है। एसडीपीओ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गुमला के एसपी अंजनी कुमार झा भी मौके पर पहुंच रहे हैं।