नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार देशभर में मानसूनी वर्षा व बाढ़ के कारण इस साल अब तक करीब 1874 लोगों की मौत हो चुकी है और 46 लापता हैं। वर्षा व बाढ़ से 22 राज्यों के 25 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इस साल मानसून ने मप्र समेत कई राज्यों में कहर बरपाया है। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश रहे। वहीं, लौटते मानसून ने बिहार और उत्तर प्रदेश को झकझो दिया। बिहार में तो अब तक पानी भरा है और एनडीआरएफ की टीमें लोगों को बचाने में जुटी है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

25 साल का टूटा रिकॉर्ड

हालांकि अब भी बिहार, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश जैसे देश के कई राज्यों में मानसून अब भी सक्रिय है, लेकिन चार माह का अधिकृत वर्षाकाल 30 सितंबर को समाप्त हो चुका है। इन चार माहों में देश में 1994 के बाद की सर्वाधिक वर्षा हुई है। शुक्रवार को भी मप्र समेत देश के कई हिस्सों में वर्षा हुई, जबकि गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज वर्षा हुई थी।

महाराष्ट्र में सर्वाधिक 382 मौतें

गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी नुकसानी के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में 22 जिले बाढ़ग्रस्त रहे। राज्य में सर्वाधिक 382 लोगों की मृत्यु हुई और 738 घायल हो गए। करीब 20 हजार पशु भी मारे गए। भारी बारिश व बाढ़ के कारण1.09 लाख मकान क्षतिग्रस्त हो गए। 14.14 लाख हेक्टेयर में फसलें नष्ट हो गईं।

मप्र की स्थिति

-इस वर्ष मप्र में भी भारी वर्षा व बाढ़ से व्यापक तबाहीहुई है।

-182 लोगों की मौत हो चुकी है और 38 घायल हैं।

-32,996 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

-38 जिलों में बनाए गए 98 राहत शिविरों में इन्हें रखा गया।

अन्य राज्यों में नुकसान की स्थिति

पश्चिम बंगाल: 227 मौत, 43,433 विस्थापित

बिहार: 161 मौत, 1,26000 विस्थापित

केरल: 181 मौत, 4,46,000 विस्थापित

गुजरात: 169 मौत, 17,783 विस्थापित

कर्नाटक: 106 मौत,, 2,48,000 विस्थापित

असम: 97 मौत, 5,35,000 विस्थापित

Posted By: Arvind Dubey

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