शाजापुर एवं आगर जिले में पिछले दो दिन से रुक-रुककर तेज और रिमझिम बारिश का दौर जारी है। इससे नदी-नाले उफान पर रहे। कालीसिंध, लखुंदर व चीलर जैसी बड़ी नदी एवं नाले करीब 30 घंटे से उफान पर रहे। इस कारण 20 से अधिक रास्ते पूरी तरह से बंद हो गए और दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया। शाजापुर शहर भी चीलर नदी के उफान पर रहने से दो हिस्सों में बंट गया।

इधर, रविवार देर रात चीलर नदी में जायड़ा पुल पार करते समय एक युवक बह गया। युवक तो तैरकर बाहर आ गया किंतु उसकी बाइक बह गई। एक महीने में इसी पुल को पार करते हुए राहगीरों के बहने की यह पांचवीं घटना है। गनीमत रही कि कि सी की जान नहीं गई। शाजापुर जिले में 24 घंटे में औसत ढाई इंच बारिश हुई। अब तक 48 इंच बारिश हो चुकी है।

बारिश में पिछड़ रही गुलाना तहसील में अब अच्छी बारिश हो रही है। इस कारण ग्राम दास्ताखेड़ी में जलभराव होने की समस्या पैदा हुई। जिला प्रशासन ने तालाब व क्षेत्र में जलभराव की निकासी करवाई। बोलाई क्षेत्र के कु छ गांव स्थित घरों में पानी भर जाने की खबरें हैं तो अकोदिया-बोलाई के बीच स्थित एक तालाब पूरी तरह से भरने के कारण इसके कि नारे घरों में पानी पहुंचने लगा।

जादमी बैराज के पास भी कु छ घंटों के ओटलों तक पानी आ गया, जबकि चीलर नदी की महूपुरा स्थित पुलियाओं के पास गुमटियां व दुकानें बंद ही रही। देर रात तक बारिश का दौर जारी रहा।

जनजीवन अस्त-व्यस्त

बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश होने की वजह से सोमवार को सरकारी एवं निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई थी। कई लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। व्यापार-व्यवसाय भी खासा प्रभावित हुआ।

कहां, कैसे हालात

- करेड़ी पुलिया से लखुंदर नदी चार से पांच फीट ऊपर बह रही है। रविवार दोपहर तीन बजे से ही मार्ग बंद हो गया था, जो सोमवार देर रात तक बंद रहा। उज्जैन जिले के माकड़ौन, करेड़ी समेत एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क शाजापुर जिला मुख्यालय से टूट गया। बसें समेत अन्य वाहन भी इधर से उधर नहीं जा पार रहे।

- शहर के बीच से चीलर नदी गुजरी है। महूपुरा स्थित दोनों पुलियाओं के ऊपर से रविवार को ही पानी गुजरने लगा किंतु रात में पानी बढ़ गया और आवागमन बंद हो गया। सोमवार को भी पुलियाओं के ऊपर से इतना पानी गुजरा कि लोग आर-पार नहीं जा सके । सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिसकर्मी तैनात रहे। जब पानी कम हुआ तो देर शाम से लोग गुजरने लगे।

- चीलर नदी की बादशाही पुलिया, जायड़ा पुल एवं कांकड़ी के पास स्थित पुलिया से भी पानी बहा। इससे मोहन बड़ोदिया, बिजाना, सतगांव जाने वाले रास्ते बंद रहे।

- कालीसिंध नदी के सुंदरसी पुल एवं घुंसी पुलिया के ऊपर से भी पानी बहा। इस कारण रास्ते बंद हो गए।

- नदियों के साथ नाले भी उफान पर ही रहे। इन्होंने भी रास्तों को खासा प्रभावित कि या।

- सुंदरसी-अकोदिया मार्ग पर रानी बड़ौद के पास पुल पर पानी रहने से आठ घंटे तक आवागमन बंद रहा।

मूर्ति विसर्जन स्थल देखने पहुंचे अफसर

नदियों के उफान पर रहने से गुरुवार को गणेश मूर्तियों के विसर्जन को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है, क्योंकि नदी में विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा भी हो सकता है। इसलिए सोमवार को एसडीएम यूएस मरावी, एसडीओपी एके उपाध्याय, तहसीलदार सत्येंद्रकु मार बैरवा व सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित ने नैनावद, जादमी, सतगांव आदि स्थानों पर जाकर स्थिति देखी।

शहर में आंकड़ा 53 इंच के पार

शहर में पिछले 24 घंटे में कु ल 46 मिमी यानी करीब दो इंच बारिश हुई। अब तक यहां कु ल 53.1 इंच बारिश हो चुकी है जबकि पिछले साल अब तक 27.1 इंच ही बारिश हुई थी। पिछले साल मानसूनी सीजन में कु ल 30.7 इंच पानी बरसा था। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया आगामी 24 घंटे में मौसम ऐसा ही रहेगा। रुक-रुककर तेज व रिमझिम बारिश होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Budget 2021
Budget 2021