नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून सही गति से आगे बढ़ रहा है। शनिवार को इसके केरल तट से टकराने के बाद प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में बारिश जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को लक्षद्वीप में तेज बारिश होगी। इस तरह मानसून तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इन दोनों प्रदेशों में 15 जून तक बारिश का अनुमान लगाया गया है। रविवार को असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भी मेघ जमकर बरसेंगे। मप्र में आज प्रचंड लू की चेतावनी सरकारी मौसम विभाग ने दक्षिण राज्य तमिलनाडु में गरज-बरस के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी आने की भी चेतावनी दी है। जबकि रविवार को उत्तर भारत समेत मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में प्रचंड लू चलने की चेतावनी दी है।

उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों, चंडीगढ़, दिल्ली में भी कमोबेश यही हालात रहेंगे। इसी तरह छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ इलाकों में भी तापमान चरम पर होगा। उत्तर-पश्चिम भारत में भी सामान्य मानसून की उम्मीद सरकारी मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली मानसून दो से तीन दिन की देरी से आएगा। सामान्यतः दिल्ली में मानसून 29 जून को आता है। देश की राजधानी में मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिम भारत में भी मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने अरब सागर के रास्ते केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में 35-45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी आने की आशंका जताई है। साथ ही मछुआरों को अगले कुछ दिन समुद्र में न जाने की सलाह दी है। मध्य भारत में माह के तीसरे हफ्ते में पहुंचेगा मानसून चार महीने के मानसून पर देश की 2.5 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था निर्भर करती है। वैसे सरकारी मौसम विभाग और निजी स्काईमेट ने भारत में इस बार मानसून सामान्य रहने की भविष्यवाणी की है। आमतौर पर मानसून पूरे देश को 15 दिनों में कवर कर लेता है।

सोयाबीन की उपज वाले मध्य भारत में मानसून जून के तीसरे हफ्ते में पहुंचेगा। कपास उगाने वाले देश के पश्चिमी भाग में मानसून जुलाई के पहले हफ्ते तक पहुंचेगा। अच्छी बारिश से मानसून पर निर्भर करने वाले कृषि को लाभ होगा। इससे धान, मक्का, बांस, कपास और सोयाबीन की फसलों को विशेष लाभ होगा। इस बार देश में बरसात 96 फीसदी से लेकर 104 फीसदी तक होने की उम्मीद है।

Posted By: Arvind Dubey

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