Minister Resign: मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस्तीफा दे दिया है। आज उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और इसके बाद अपना इस्तीफा दे दिया। नकवी अभी केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के पद पर थे और राज्यसभा में भाजपा के उपनेता भी हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बाद इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह ने भी मंत्रीपद से त्यागपत्र दे दिया है। भारत के राष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिपरिषद से मुख्तार अब्बास नकवी और राम चंद्र प्रसाद सिंह के इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया है। स्मृति ईरानी को उनके मौजूदा पोर्टफोलियो के अलावा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का प्रभार सौंपा जाएगा। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके मौजूदा पोर्टफोलियो के अलावा, इस्पात मंत्रालय का प्रभार सौंपा जाएगा।

क्या थी वजह?

इन दोनों की राज्यसभा सदस्यता की अवधि 8 जुलाई को ही खत्म होनेवाली है। ऐसे में उनका मंत्री बने रहना वैसे भी मुश्किल होता। फिलहाल उनके अचानक इस्तीफे से राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म है और कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। इस बात की चर्चा जोरों पर है कि बीजेपी उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकती है। बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और लोगों की सेवा में नकवी और आरसीपी सिंह के योगदान की सराहना की थी। इसके बाद ही कयास लगाये जा रहे थे, कि इन्हें पार्टी में कोई और भूमिका दी जा सकती है।

पार्टी में इनकी स्थिति

मुख्तार अब्बास नकवी बीजेपी के अल्पसंख्यक चेहरा माने जाते हैं और उन्होंने धार्मिक मामलों में भी हमेशा पार्टी के स्टैंड का समर्थन किया है। आज ही उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा से भी मुलाकात की थी। आपको बता दें कि केंद्रीय इस्पात मंत्री श्री रामचंद्र प्रसाद सिंह जदयू के नेता हैं और एनडीए गठबंधन के तहत मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे। इनके बीजेपी में शामिल होने की भी जोर-शोर से चर्चा थी।

Posted By: Shailendra Kumar

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