नई दिल्ली। गुजरात और यूपी में विभिन्न दलों के नेताओं के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बीच कुछ अटकलें तृणमूल कांग्रेस उपाध्यक्ष मुकुल रॉय को लेकर भी लगाई जा रही थीं। कहा जा रहा था कि रॉय भी ममता बनर्जी का साथ छोड़कर भगवा पार्टी का दामन थामने का विचार कर रहे हैं।

हालांकि अब स्वयं रॉय ने साफ कर दिया है कि उनका ऐसा कोई विचार नहीं है। इसके बाद 'दीदी' ने राहत की सांस ली है।

मालूम हो, त्रिपुरा से टीएमसी के छह विधायक भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। टीएमसी पहले ही इन विधायकों को पार्टी से निकाल चुकी है।

एक अंग्रेजी वेबसाइट से चर्चा में मुकुल रॉय ने कहा, मैं पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूं। पता नहीं आपको ये खबरें कहां से मिल रही हैं? सब बकवास है। क्या भाजपा या कांग्रेस या सीपीएम ने ऐसा कुछ कहा है? क्या इस बारे में मैंने या मेरी पार्टी ने कोई बयान दिया है? इसलिए ये सारी बातें झूठ हैं। यदि मुझे कुछ कहना होगा तो मैं सबके सामने कहूंगा।

शारदा चिटफंड में आया है नाम

मुकुल रॉय को 2015 में तृणमूल महासचिव पद से हटा दिया गया था। तब उनका नाम शारदा चिटफंड घोटाले में आया था। हालांकि इसके अगले साल ही उन्होंने पार्टी उपाध्यक्ष के रूप में वापसी कर ली थी। हालांकि इस साल जुलाई में उन्हें त्रिपुरा के पार्टी ऑब्जर्वर पद से हटा दिया गया था, क्योंकि वहां के कुछ टीएमसी विधायकों ने भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताई थी।

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