नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह बिहार के Muzaffarpur Shelter House Case की लड़कियों को उनके परिवार को सौंपने के बारे में आदेश दे सकता है। शेल्टर होम में यौन हमले की शिकार लड़कियों का मामला पिछले वर्ष सुर्खियों में रहा था। NGO संचालित शेल्टर होम में कई लड़कियां यौन हमले की शिकार हुई थी।

इसका सोशल आडिट करने वाले टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की रिपोर्ट के बाद यह मुद्दा सामने आया था। जस्टिस एनवी रमाना और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि वह लड़कियों को उनके परिवार को सौंपे के बारे में गुरुवार को फैसला सुनाएगी।

कोर्ट का यह कहना है

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि टीआइएसएस की फील्ड एक्शन प्रोजेक्ट 'कोशिश' ने उसके सामने सील बंद लिफाफे में स्थिति रिपोर्ट सौंपी है। कहा है कि आठ लड़कियां उनके परिवारों को सौंपने के लायक हैं। टीआइएसएस की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा कि कोशिश ने पांच लड़कियों के परिवार के लोगों से संपर्क किया है, लेकिन उनके घर का दौरा करना बाकी है।

कुछ लड़कियों का परिवार चाहता है वापसी

कोशिश ने कहा है कि कुछ लड़कियों के मामले में उनका परिवार उन्हें वापस लेने की इच्छा रखता है जबकि कुछ लड़कियां विशेष जरूरत वाली बच्चियां हैं। एक लड़की अपने परिवार का पता देने में असमर्थ है लेकिन उसने उस जगह का ब्योरा दिया है जहां उसका परिवार रहता है।

Posted By: Navodit Saktawat