नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छठी बार देश को संबोधित करेंगे। यह दूसरा मौका है जब भाजपा का कोई पीएम इस ऐतिहासिक इमारत से लगातार छठी बार संबोधित करेंगे। उनसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने 1998 से 2003 तक लगातार छह बार लालकिले से देश को संबोधित किया था।

पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपना पहला भाषण 2014 में दिया था। तब संभवतः पहली बार ऐसा हुआ था कि किसी पीएम ने आशु भाषण दिया था यानी लिखा हुआ भाषण नहीं पढ़ा था।

साथ ही मोदी लाल किले से सबसे लंबे भाषण देने वाले पीएम बन गए हैं। 15 अगस्त 2014 को अपने पहले भाषण में पीएम 65 मिनट बोले थे। अगले साल यानी 2015 में उनका संबोधन 86 मिनट तक चला था। 2016 में इसकी अवधि डेढ़ घंटे से अधिक रही थी।

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1947 में 72 मिनट का भाषण दिया था जो 2015 तक लाल किले की प्राचीर से दिया गया सबसे लंबा संबोधन था। मोदी ने 86 मिनट का संबोधन देकर नया रिकॉर्ड बनाया था।

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