नई दिल्ली। 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने आम जीवन की कई समस्याओं और उनके समाधान पर बात की। जल संकट को लेकर मोदी ने 'जल जीवन मिशन' का ऐलान किया। उन्होंने कहा, आजादी के 70 साल बाद भी आज देश के आधे घरों में पानी की सुविधा नहीं है। 'जल जीवन मिशन' से 'हर घर जल' का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। इस पर 3.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जानिए कैसे काम करेगी यह योजना और कैसे दूर होगा जल संकट -

- पीएम मोदी के अनुसार, इस योजना में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी। इस योजना के तहत जल संचय अभियान चलाया जाएगा। बारिश की हर बूंद को व्यर्थ बहने से रोका जाएगा। समुद्र या वेस्ट पानी का ट्रीटमेंट कर उसे उपयोग करने लायक बनाया जाएगा। किसानों को माइक्रो इरिगेशन के लिए प्रेरित किया जाएगा।

- बकौल पीएम, जल संचय को लेकर बीते 70 सालों में कई काम हुए हैं। हम अगले पांच साल में इसका चार गुना काम करना होगा। बच्चों को पानी बचाने की शिक्षा देना होगी। जल स्रोतों को पुनः जीवित करना होगा।

- योजना का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने महान संत थिरुवलूरजी को भी याद किया, जिन्होंने सैकड़ों साल पहले ही कह दिया था कि जब पानी समाप्त हो जाता है तो प्रकृति का कार्य थम जाता है। एक प्रकार से विनाश प्रारंभ हो जाता है। इसी तरह पीएम ने गुजरात के महौली में जन्में जन्मसंत बुद्धिसागरजी का जिक्र किया। बुद्धिसागरजी ने 100 साल पहले ही कह दिया था कि एक दिन ऐसा आएगा जब पानी किराने की दुकान पर बिकेगा। आज यह बात सच साबित हो गई है।

- बता दें, सरकार ने 2019 के बजट में जल-शक्ति अभियान का जिक्र किया है। इस मिशन के तहत देश के 256 जिलों के अधिक प्रभावित 1,592 खंडों पर जल संचयन पर जोर दिया जाएगा।