नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले पर लगातार छठवीं बार ध्वजा रोहण करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बाद ऐसा करने वाले पीएम मोदी दूसरे बीजेपी नेता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के जवानों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद पीएम मोदी लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ गए थे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।

देश को दिए संबोधन में उन्होंने यह कहा

- भारत अपने छोटे बच्चों को असहाय नहीं छोड़ सकता है। उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना जरूरी है।

- हमने पांच साल लगातार प्रयास करके आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों पर बल देने का प्रयास किया, लेकिन वक्त बदलता है। अब जरूरतों के साथ आकाक्षांओं को पूरा करने का वक्त आ गया है।

- 2014 में मैं देश के लिए नया था। 2014 से पहले मैंने भारत भ्रमण करके देश की समस्याओं को जानने का प्रयास किया था। तब देश में निराशा थी। लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि देश कभी बदल सकता है।

- दिल दिमाग में सिर्फ मेरा देश, इस भावना के साथ चलते रहे और काम करते रहे। फिर 2019 में चुनाव में जनता के बीच गए। इस बार देश का आम आदमी, खुद जनता चुनाव लड़ रही थी।

अनुच्छेद 370 के खात्मे और तीन तलाक को बताया बड़ा कदम

- प्रधानमंत्री ने कहा कि नई सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में भी हर क्षेत्र में काम किया जा रहा है। 10 हफ्ते के भीतर ही अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाकर सरदार वल्लभ भाई पटेल के सपनों को साकार करने में एक कदम है।

- प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 370 और 35-ए पर कहा कि अब समस्याओं को टालने और पालने का समय नहीं है। जो काम बीते 70 साल में नहीं हुआ, वो काम नई सरकार ने 70 दिनों में करके दिखा दिया। संसद के दोनों सदनों ने दो तिहाई बहुमत के साथ इसे पार कर दिया।

- PM ने कहा कि मुस्लिम बहनों के हित के लिए तीन तलाक को खत्म किया गया और बिल लाया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम बहनों पर हमेशा तीन तलाक के डर की तलवार लटकती रहती थी। दुनिया के कई मुस्लिम देशों ने इस कुप्रथा को खत्म कर दिया था, लेकिन किसी कारणवश भारत में इस काम में देरी हो गई।

- प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं तो उनसे देश पूछ रहा है कि इतना महत्वपूर्ण था तो उसे अस्थाई क्यों बनाकर रखा गया था, परमानेंट क्यों नहीं कर दिया गया। इसका कारण ये था कि कुछ स्वार्थों के लिए इसमें सुधार करने की नीयत नहीं थी।

- आजादी के समय हमारे नेताओं ने देश के एकीकरण के लिए कुछ कठिन फैसले भी लिए हैं। आज अनुच्छेद-370 को हटाने के बाद मैं गर्व से कह सकता हूं कि एक देश, एक संविधान। जीएसटी के माध्यम से भी हमने वन नेशन, वन टैक्स पर भी काम किया। इसी के साथ एक देश, एक साथ चुनाव पर भी हमें सोचना होगा।

जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वह 70 दिन में होगा

- प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 70 साल में हर सरकार ने अपना काम काम किया, लेकिन आशा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले। बीते 70 साल में कश्मीर में कुछ व्यवस्थाओं ने आतंकवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार आदि को बढ़ावा मिला है। देश के बाकी नागरिकों को जो अधिकार मिलते हैं, वो कश्मीर में अभी तक नहीं मिल पाते थे। जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वह 70 दिनों में होगा।

- आजादी के 70 साल हो गए। हर किसी दल ने देश के विकास में योगदान दिया, लेकिन आज भी देश में आधे घर ऐसे हैं, जहां पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। कई क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां महिलाओं को कई किलोमीटर पैदल चलना है। आज मैं घोषणा करता हूं कि सरकार आने वाले दिनों ने जल जीवन मिशन शुरू करेगी। इसके लिए सरकार करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी। केंद्र और राज्य सरकार इसके मिशन के लिए साथ मिलकर काम करेगी।

जल संरक्षण के लिए लोगों को भी करना होगा काम

- मोदी ने कहा कि मेरा जन्म गुजरात में हुआ। गुजरात में एक तीर्थस्थल है महुड़ी। यहां एक जैनसंत 100 साल पहले लिख कर गए हैं कि पानी किराने के दुकान में बिकेगा। दोस्तों, न हमें थकना है। न हमें रूकना है। जल जीवन मिशन एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बनना चाहिए। जैसे स्वस्छता मिशन में देश में जनता ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था, वैसे ही जल जीवन मिशन के लिए काम करना होगा।

जनसंख्या विस्फोट पर ध्यान देने की जरूरत

- पीएम ने कहा कि देश में जो जनसंख्या विस्फोट हो रहा है, उसके प्रति भी सोचना होगा। हमारे देश में एक जागरूक वर्ग है, जो ये सोचता है कि बच्चे को जन्म देने पर उसको मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विचार जरूर करता है।

- पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग इस विषय पर आगे कदम बढ़ा चुके हैं और सीमित परिवार के फायदे को लोगों को समझा रहे हैं उन्हें आज सम्मानित करने की जरूरत है। छोटा परिवार रखने वाले देशभक्त की तरह हैं। घर में किसी भी बच्चे के आने से पहले सोचें कि क्या हम उसके लिए तैयार हैं, उसकी जरूरतों को पूरा करने के लिए हम तैयार हैं।

- भ्रष्टाचार मिटाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं, भाई-भतीजावाद की बीमारी को हटाना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में सरकारों का दखल नहीं होना चाहिए, न सरकार का दबाव हो, न सरकार का अभाव हो। आम जनता खुद देश और अपने परिवार के विकास के लिए आगे आना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 1,450 पुराने कानून खत्म किए, पिछले 10 हफ्तों में 60 कानून खत्म किए गए। दो लाख करोड़ रुपए आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए लगाए जाएंगे।

लंबी छलांग लगानी होगी

- प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें लंबी छलांग लगानी होगी, भारत को ग्लोबल स्तर पर मिलाने के लिए काम करना होगा। मोदी ने कहा कि 100 लाख करोड़ रुपया आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाएं जाएंगे। इसमें सागरमाला, भारतमाला, रेलवे स्टेशन का आधुनिकिकरण शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के बदलते हुए मिजाज को समझना होगा। अब लोग सिर्फ स्टेशन बनने से संतुष्ट नहीं, पूछते हैं हमारे यहां वंदे भारत कब आएगी। रेल के आने से संतुष्ट नहीं, पूछते हैं एयरपोर्ट कब बनेगा। आम आदमी की आकाक्षाएं पहले से बढ़ रही है और वह विकास चाहता है। मोदी ने कहा कि 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था मुश्किल लग सकती है, लेकिन लक्ष्य हमेशा ऊंचे होना चाहिए। आजादी के 70 सालों में देश 2 ट्रिलियन इकनॉमी तक पहुंचा। फिर 2014 से 19 तक हम लोग 2 से 3 ट्रिलियन तक पहुंच गए।

- प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आतंक फैलाने वालों के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आतंक को पोषित करने वालों को बेनकाब करना होगा। बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्री लंका सब आतंकवाद से जूझ रहे हैं। हम जब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं तो इस पूरे भूभाग के लिए लड़ते हैं। चार दिन बाद अफगानिस्तान आजादी का जश्न मनाएगा। यह उसकी आजादी का 100वां साल है। उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।

- प्रधानमंत्री ने तीनों सेनाओं के समन्वय की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सेना के तीनों अंग साथ मिलकर काम करते हैं और रक्षा क्षेत्र में नई ऊंचाईयां हासिल की। प्रधानमत्री ने कहा कि जल्द ही देश में सीडीएस (चीफ ऑफ आर्मी डिफेंस) मिलेगा। लंबे समय से देश में इसकी मांग थी।

-प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमें सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद होना चाहिए। क्या महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। दुकानदार दुकान के बाहर लिख दें कि हमसे प्लास्टिक की थैली की मांग न करें, कपड़े का थैला लेकर आएं। वर्ना वे खुद ही कपड़े का थैला बेचना शुरू कर दें। मैं सभी दुकानदारों से आग्रह करूंगा कि दुकान पर एक बोर्ड यह भी लगाएं कि कृपया हमसे प्लास्टिक की थैली की अपेक्षा न करें।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai