नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को लगातार छठवीं बार संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश दुनिया में बदलती स्थितियों को देखते हुए सुरक्षा बलों के लिए एक विशेष घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश में एक नया चीफ ऑफ डिफेंस का पद होगा। यह थल, जल और वायु सेना, तीनों बलों के बीच बेहतरीन सामन्जस्य स्थापित करने का काम करेगा।

प्रधानमंत्री ने तीनों सेनाओं के समन्वय की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सेना के तीनों अंग साथ मिलकर काम करते हैं और रक्षा क्षेत्र में नई ऊंचाईयां हासिल की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जल्द ही देश में चीफ ऑफ आर्मी डिफेंस (सीडीएस) मिलेगा। लंबे समय से देश में इसकी मांग थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में सैन्य सुधारों पर लंबे समय से चर्चा चल रही है। कई कमीशन बैठे, कई रिपोर्ट आईं और सबमें एक बात कही गई है। हमारी तीनों सेनाओं में कोऑर्डिनेशन तो है, हम गर्व कर सकें ऐसी व्यवस्था है, लेकिन आज जैसे दुनिया बदल रही है। युद्ध के दायरे और रूप बदल रहे हैं। तब भारत को टुकड़ों में सोचने से काम नहीं चलेगा।

हमारी पूरी सैन्य शक्ति को एक साथ आगे बढ़ने की दिशा में काम करना होगा। कोई एक भी पीछे रहे, तो काम नहीं चलेगा। इसलिए आज मैं लाल किले से महत्वपूर्ण घोषणा करना चाहता हूं, आज हमने निर्णय किया है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) इसकी व्यवस्था करेंगे। इस पद के गठन के बाद तीनों सेनाओं के शीर्षस्थ स्तर पर एक प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। यह पद सैन्य सुधार की दिशा में बल देने का काम करेगा।

शांति और सुरक्षा विकास के अनिवार्य पहलू

मोदी ने कहा कि भारत आतंक फैलाने वालों के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आतंक को पोषित करने वालों को बेनकाब करना होगा। बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका सब आतंकवाद से जूझ रहे हैं। हम जब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं, तो इस पूरे भूभाग के लिए लड़ते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा- शांति और सुरक्षा विकास के अनिवार्य पहलू हैं। विश्व शांति, विश्व संवृद्धि के लिए भारत को अपनी भूमिका अदा करनी होगी। भारत आतंक फैलाने वालों के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा है। विश्व के किसी कोने में आतंकी घटना मानवतावाद के खिलाफ है, इसलिए विश्वभर की मानवता वादी शक्तियां विश्वभर की एक हों।

आतंकवाद पर निशाना

आतंकवाद को पनाह और प्रोत्साहन देने वाले, आतंकवाद को एक्सपोर्ट करने वालों, ऐसी सारी ताकतों को दुनिया के सामने उनके सही स्वरूप में प्रस्तुत करने में, दुनिया की ताकत को जोड़कर के भारत आतंकवाद को नष्ट करने के प्रयास करे।