मुंबई। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के खिलाफ अपना प्रत्याशी बनाया है और इसके साथ ही 2008 का मालेगांव ब्लास्ट और उसके बाद हुए घटनाक्रम चर्चा में हैं। भाजपा आरोप लगा रही है कि इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने हिंदुओं की भावनाओं का अपमान किया। वैसे हिंदूवादी संगठनों पर आतंकवाद का ठप्पा लगाने का काम सबसे पहले शरद पवार ने किया था। पवार कभी कांग्रेस में थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) बना ली थी। जानिए शरद पवार ने कब कहा था ऐसा -

यह बात 2008 की है, साध्वी प्रज्ञा की गिरफ्तारी ठीक पहले की। केंद्रीय गृह मंत्री का पद संभालने वाले पी. चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे ने इसके बाद 'हिंदू आतंकवाद' शब्द का प्रयोग किया। 29 सितंबर, 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव कस्बे में हुए दो विस्फोटों में 2 लोग की जान चली गई थी। इस घटना के छह दिन बाद ही 5-6 अक्टूबर को रायगढ़ जिले के अलीबाग में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का अधिवेशन हुआ था। यहां पवार ने यह कहते हुए पुलिस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था कि पुलिस आतंकी घटनाओं में सिर्फ सिमी जैसे मुस्लिम संगठनों की जांच करती है, बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों की नहीं।

Posted By: Arvind Dubey

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