नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सियासी ड्रामा खत्म हो चुका है। राज्य में महाविकास अघाड़ी (शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस) की सरकार बन चुकी है। सूबे में तीन दलों की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार का अब बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें साथ सरकार बनाने के लिए कहा था। पवार ने कहा कि पीएम मोदी ने उन्हें 'साथ काम करने का कहा था लेकिन उन्होंने उनके ऑफर को खारिज कर दिया था।' पवार ने यह भी जोड़ा कि 'मोदी ने मुझे साथ काम करने को कहा था। लेकिन मैंने उनसे कहा कि हमारे व्यक्तिगत संबंध बहुत अच्छे हैं और वह हमेशा रहेंगे। लेकिन मेरे लिए यह संभव नहीं है कि हम साथ काम करें।' साथ ही उन्होंने इस बात को खारिज किया कि मोदी सरकार ने उन्हें भारत का राष्ट्रपति बनाए जाने का भी ऑफर दिया था।

हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी बेटी सुप्रिया सुले को मोदी कैबिनेट में जगह दिए जाने का प्रस्ताव जरुर दिया गया था। सुप्रिया सुले पुणे की बारामती सीट से सांसद हैं। पवार पीएम मोदी से पिछले महीने महाराष्ट्र में जारी सियासी ड्रामें के दौरान मिले थे। उस वक्त भी उनके भाजपा के साथ जाने की अटकलें तेज हो गईं थी। बता दें कि पीएम मोदी ने पवार की हमेशा तारीफ की। इतना ही नहीं विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने शरद पवार पर व्यक्तिगत हमला करने से परहेज रखने को कहा था।

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र में सरकार पर जारी खींचतान के बीच राज्यसभा के 250 वें सत्र के दौरान भी एनसीपी की तारीफ की थी और कहा था कि भाजपा के साथ ही अन्य दलों के सांसदों को भी एनसीपी से पार्लियामेंट के नियमों का पालन सीखना चाहिए।

Posted By: Neeraj Vyas