Subhas Chandra Bose: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Subhas Chandra Bose) को याद कर रहा है। इस बीच जर्मनी में रहने वाली नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ ने मोदी सरकार से बोस के अवशेषों को भारत लाने की मांग की। अनीता ने कहा कि नेताजी के पूरे जीवन में देश की आजादी से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं था। दरअसल, सुभाष चंद्र बोस की मौत एक रहस्य है। कई लोगों ने दावा किया कि उनकी मौत एक हवाई दुर्घटना में हुई। उनके अवशेष तब एक जापानी अधिकारी द्वारा एकत्र किए गए थे और टोक्यो में रेनकोजी मंदिर में संरक्षित किए गए। तब से पुजारियों की तीन पीढ़ियों ने अवशेषों की देखभाल की है।

डीएनए टेस्ट की मांग

79 वर्षीय अनीता बोस ने कहा कि वह टोक्यो में एक मंदिर में संरक्षित नेताजी के अवशेषों के डीएनए टेस्ट के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के पुजारियों और जापान सरकार को भी मुकदमे से कोई आपत्ति नहीं है। वे अवशेष सौंपने के लिए तैयार हैं।

लोगों से अपील

अनीता ने अपने बयान में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि नेताजी के जीवन में उनके देश की आजादी से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं था। अब समय आ गया है कि कम से कम उनके अवशेषों को भारत की धरती पर लौटाया जा सके।

नेताजी की मृत्यु सबसे बड़ा रहस्य

अनीता बोस लंबे समय से कह रही हैं कि नेताजी के अवशेष रेंकोजी मंदिर में है। उनके कई भारतीय रिश्तेदारों ने भी सरकार से कई बार यह पता लगाने का अनुरोध किया कि नेताजी ताइवान से कहां गए थे। ऑस्ट्रिया में जन्मी अर्थशास्त्री अनीता बोस फाफ सुभाष चंद्र बोस और उनकी पत्नी एमिली शेंकल की बेटी हैं। वह केवल चार महीने की थी, जब नेताजी अंग्रेजों से लड़ने के लिए जर्मनी से दक्षिण पूर्व एशिया चले गए।

Posted By: Arvind Dubey

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