नई दिल्ली। नए मोटर वाहन कानून पर सभी राज्यों का समर्थन मिल रहा है। उम्मीद है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यह दावा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को किया।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी दंड के प्रावधान वाला मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 एक सितंबर से लागू हो गया है। कुछ राज्यों ने यातायात नियमों को तोड़ने की एवज में भरी जाने वाली जुर्माने की राशि को कम कर दिया है।

नए कानून के बारे में हो रहा गलत प्रचार

यहां एक कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि यह एक गलत प्रचार है कि राज्य इस नए कानून का विरोध कर रहे हैं। एक या दो राज्यों को छोड़कर अधिकांश राज्यों को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। मैंने मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों से बात की है।

जहां तक राज्यों द्वारा जुर्माने की राशि कम करने की बात है तो उन्हें इसका पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह समवर्ती सूची है। यदि जुर्माना 500 रुपये से 5,000 रुपये तक तय किया गया है, तो राज्य इसे 600 रुपये या 4,000 रुपये कर सकते हैं। हमने उन्हें इसका अधिकार दिया है, इसमें कोई समस्या नहीं है।

जुर्माने की राशि केंद्र को नहीं प्राप्‍त होती

गडकरी ने कहा कि जुर्माना राज्य सरकारों के खजाने में जाता है, केंद्र सरकार को इसमें कुछ नहीं मिलता है। मंत्री ने कहा कि कानून को लेकर इस देश के लोगों में न तो कोई सम्मान था और न ही कोई भय।

यही कारण था कि प्रत्येक वर्ष 1.5 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते थे। इनमें 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 65 फीसद लोग हैं। जुर्माना पिछले 30 वषोर् से संशोधित नहीं किया गया था। यह राजस्व जुटाने का मुद्दा नहीं है, बल्कि हादसों में कमी लाने का प्रयास है।