Jharkhand: प्रदेश के कोयला खदान इलाकों में रंगदारों का सालों से वर्चस्व रहा है। हाल के वर्षों में इसमें नक्सली संगठन भी घुस आये हैं, जो हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार आदि के कारोबार से जुड़ गये हैं NIA ने इसी संबंध में जांच शुरु की और अब जबरन वसूली के मामले में नक्सल गिरोह पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) संगठन से जुड़े 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हो चुका है कि गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप के बीच गहरा संबंध है। दोनों मिलकर झारखंज के कई इलाकों में रंगदारी और लेवी वसूलने का काम कर रहे हैं। लातेहार में हुई घटना की जिम्मेवारी सुजीत सिन्हा और प्रदीप गंझू ने ली थी, जिसकी जांच NIA ने शुरु की थी। जांच से पता चला कि गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अमन साहू ने हत्या, वसूली जैसी कई वारदातों को अंजाम दिया है। इस दौरान आरोपी प्रदीप गंझू, टीपीसी और PLFI के कई सदस्यों ने उनका साथ दिया।

NIA ने जिन 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है उनमें सुजीत सिन्हा, अमन साहू, प्रदीप गंझू, संतोष गंझू, बिहारी गंझू, सकेंद्र गंझू, प्रमोद गंझू, बाबूलाल तिवारी, अजय तूरी, संतोष कुमार उर्फ बंटी यादव, प्रभात कुमार यादव उर्फ डिंपल यादव, प्रीतम कुमार उर्फ चीकू, संतोष कुमार यादव, जसीम अंसारी, वसीम अंसारी, मजीबुल अंसारी और जहीरुद्दीन अंसारी के नाम शामिल हैं।

NIA ने कहा कि झारखंड में कोयले के बहुत से खदान हैं। ऐसे में नक्सल समूह, कोयला परिवहन के क्षेत्रों में हत्या कर आतंक पैदा करना और अवैध वसूली करना चाहता है। इसी के चलते उसने कई वारदातों को अंजाम दिया। बाद में जब उनके पास अच्छी रकम इकट्ठा हो गई, तो उन्होंने एके-47 जैसे ऑटोमैटिक हथियार खरीदे। एनआईए के मुताबिक धनबाद और रांची की जेलों से इन नापाक हरकतों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी।

Posted By: Shailendra Kumar