नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) घाटी में आतंकवाद की फंडिंग करने वाले इन लोगों की संपत्तियां को जब्त करेगा। एनआईए जम्मू और कश्मीर के कुछ और अलगाववादियों से पूछताछ करने की तैयारी कर रहा है।

एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जांच एजेंसी ने कश्मीर घाटी में अलग-अलग अलगाववादी संगठनों के नेताओं की संपत्तियों की पहचान कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में कई लोगों से पूछताछ के दौरान कई बड़े सुराग हाथ लगे हैं। एनआईए ने विगत मंगलवार को अनीस-उल-इस्लाम के जेल में बंद बेटे अल्ताफ अहमद शाह उर्फ फंटूश के वित्तीय लेनदेन के संबंध में जानकारियां जुटा ली गई हैं। साथ ही कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी में उसकी भूमिका का भी पता चल गया है।

इस्लाम अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी का पोता है। गिलानी जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान के सुपुर्द करने का हिमायती है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस्लाम से आतंकी गतिविधियों का वित्तीय पोषण करने वालों के बारे में भी पूछताछ की गई है। उससे सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी करने वालों, स्कूल जलाने वालों और घाटी में सरकारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने वालों के संबंध में पूछताछ की गई है। उससे उसके वित्तीय लेनदेन, परिवार का ब्योरा और विदेश यात्राओं का भी ब्योरा मांगा गया है।

पिछले हफ्ते एनआईए ने अंग्रेजी अखबार ग्रेटर कश्मीर के मालिक व संपादक फयाज अहमद कालू से भी आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद लिखे कई लेखों पर सवाल-जवाब किया था। इन लेखों में फयाज अहमद कालू ने टेरर फंडिंग से संबंधित लेख लिखे थे। वर्ष 2017 में आतंकी फंडिंग के संबंध में एनआईए ने कई आतंकियों जैसे हाफिज सईद, हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता गिलानी व मीरवाइज फारूक और हिजबुल और दुख्तराने मिल्लत के लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए थे।

एनआईए अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस बात का पता चल गया है कि अलगाववादी नेताओं को किस तरह से हवाला के जरिए पैसा मिलता है। इसी संबंध में एनआइए कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वटाली को भी गिरफ्तार कर चुकी है। बताया जाता है कि आसिया अंद्राबी भी यह कुबूल कर चुकी है कि उसे विदेश से चंदा मिलता है। उससे वर्ष 2011 से उसके मलेशिया में पढ़ रहे बेटे के खर्च के बारे में भी पूछताछ की गई।