Nirbhaya case Update: देश में लगातार सामने आते दुष्कर्म के मामलों को लेकर लोगों में भड़के गुस्से के बीच निर्भया कांड (Nirbhaya case) से जुड़ी हलचल तेज हो गई है। ताजा खबर यह है कि निर्भया केस के दोषी विनय शर्मा (Vinay Sharma) को मंडावली जेल से तिहाड़ जेल (Tihar Jail) शिफ्ट कर दिया गया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले तीन अन्य आरोपी मुकेश, पवन और अक्षय पहले से तिहाड़ में है। विनय की दया याचिका (Mercy Petition) राष्ट्रपति के पास लंबित है। ताजा घटनाक्रम के बाद माना जा रहा है कि राष्ट्रपति दया याचिका पर किसी भी वक्त फैसला ले सकते हैं।

बता दें, निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले पांंच आरोपियों में से राम सिंह ने आत्महत्या कर ली है, जबकि एक को नाबालिग होने के कारण रिहा कर दिया गया है। इन सभी को निचली अदालत से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ने फांसी सजा सुनाई है। इस बीच, विनय शर्मा ने दया याचिका लगाई थी, जिसे पहले दिल्ली सरकार और फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। अब आखिरी फैसला राष्ट्रपति को लेना है।

बीते दिनों, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा था कि महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों को दया याचिका का अधिकार नहीं होना चाहिए। एक तरह से उन्होंने संकेत दे दिए हैं कि वे दुष्कर्मियों को माफी के खिलाफ हैं। दो दिन पहले तिहाड़ जेल से खबर आई थी कि वहां फांसी की सजा देने के लिए जल्लाद नहीं है। यह भी कहा गया कि जरूरत पड़ी तो किसी दूसरी जेल से जल्लाद बुलाया जाएगा। वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने आवेदन देकर निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने की ख्वाहिश जाहिर की है।

यह है पूरी प्रोसेस

राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज करने के बाद भी फांसी की सजा में 10 दिन तक का समय लग सकता है। दरअसल, जैसे ही याचिका खारित होती है, इसे उस निचली अदालत में भेजा जाता है, जिसने फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद उक्त अदालत से फांसी देने का आदेश जारी होता है।

Posted By: Arvind Dubey

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