नई दिल्ली। निर्भया हत्याकांड (Nirbhaya Case) के चारो दोषियों का डेथ वारंट जारी हो चुका है। 22 जनवरी को सभी दोषियों को फांसी होना आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो दोषियों द्वारा लगाई क्यूरेटिव पिटीशन खारिज करने के बाद तय हो गया है। बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बीते दिनों डेथ वारंट जारी करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद आखिरकार 7 साल 37 दिन बाद निर्भया का इंसाफ मिला है। कोर्ट का फैसला भले ही अब आया हो लेकिन कुछ महीनों पहले से ही आरोपियों की फांसी की तैयारी शुरू हो गई थी। बीते दिनों बिहार की सेंट्रल जेल में कैदियों द्वारा आला अधिकारियों के कहने पर फांसी के नए फंदे तैयार किए गए थे। माना जा रहा था कि यह फांसी के फंदे निर्भया के आरोपियों के लिए ही बनाए गए हैं।

बीते दिनों बक्सर के जेल अधीक्षक को 10 फांसी के फंदे तैयार करने का निर्देश मिला था। इसके बाद फांसी के फंदे तैयार किए गए हैं। हालांकि यह सामने नहीं आया है कि यह फांसी के फंदे किन कैदियों के लिए तैयार कराए जा रहे हैं। जेल अधीक्षक विजय कुमार अरोरा ने उस वक्त बताया था कि यह निर्देश केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति कोविंद को निर्भया केस के दोषी की दया याचिका को भेजने के बाद दिए गए थे।

बक्सर जेल में इस वजह से तैयार होते हैं फंदे

बक्सर जेल में तैयार होने वाले फांसी के फंदों को एक खास तरह के धागे जिसे J 34 कहा जाता है से तैयार किया जाता है। इस धागे की cotton पहले पंजाब में उगाई जाती है। वहां से बक्सर जेल को पूर्व में कच्चा माल भेजा जाता था। हालांकि अब सप्लायर्स प्रोसेस्ड यार्न को रस्सी बनाने के लिए भेजते हैं। फांसी का फंदा बनाने के लिए कैदियों के पास एक खास मापदंड होता है। इसमें J 34 फाइबर्स को पहले धागे में तब्दील किया जाता है, इसके बाद 154 धागों को बुनकर 154 चोटियां तैयार की जाती हैं। इन चोटियों का इस्तेमाल रस्सी बनाने में किया जाता है। हर चरण में ढ़ेर सारे पानी की जरूरत पड़ती है।

पूर्व में इसे मनीला रस्सी कहा जाता था। गौरतलब है कि बक्सर जेल से ही महात्मा गाधी के हत्यारे नाथूराम गोड़से सहित संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरु की फांसी का फंदा तैयार कर भेजा गया था। अफजल गुरु को 9 फरवरी 2013 में फांसी पर टांगा गया था। जिन कैदियों ने अफजल गुरु की फांसी का फंदा तैयार किया था उनमें से कुछ कैदी अब भी बक्सर जेल में ही अपनी सजा काट रहे हैं।

Posted By: Neeraj Vyas

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