केंद्र सरकार द्वारा Nirbhaya Case के चारों दोषियों को फांसी दिए जाने वाली याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट में 5 मार्च को सुनवाई होगी। गृह मंत्रालय ने दोषियों को फांसी की अलग-अलग सजा दिए जाने की मांग की है। इस पर मामले पर आज सुनवाई होनी है। जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस नवीन सिन्हा की बेंच याचिका पर सुनवाई करेगी। दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। बता दें कि फांसी की सजा टालने के लिए चारों दोषी लगातार कानूनी हथकंडे अपना रहे हैं।

हाईकोर्ट ने कही थी यह बात

चारों दोषियों को एक साथ फांसी देने के बजाय अलग-अलग फांसी दिए जाने की मांग वाली केंद्र की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि सभी दोषियों का डेथ वारंट एक साथ एक्जीक्यूट किया जाना चाहिए। 5 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था दिल्ली कारावास नियमों में इस बात का जिक्र नहीं है कि जब एक दोषी की दया याचिका लंबित हो तो अन्य दोषियों को मौत की सजा दी जा सकती है या नहीं?

3 मार्च को दोषियों को दी जाना है फांसी

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया केस के दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय के खिलाफ तीसरी बार डेथ वारंट जारी करते हुए उनकी फांसी की सजा 3 मार्च को सुबह 6 बजे की मुकर्रर की है। इसके पूर्व भी कोर्ट द्वारा दो बार दोषियों का डेथ वारंट जारी किया गया था लेकिन कानूनी पेचिदगी की वजह से डेथ वारंट की तारीख आगे बढ़ाना पड़ी थी

Posted By: Neeraj Vyas