नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योगपति राहुल बजाज को जवाब देते हुए कहा है कि उनके सिर्फ अपना नजरिया जाहिर करने से राष्ट्रीय हितों को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने राहुल बजाज के बयान भारतीय उद्योग जगत के मोदी सरकार की आलोचना करने से डरने से असहमति जताई है। सीतारमण की इस जवाबी प्रतिक्रिया पर सोशल मीडिया पर तल्खी भरे जवाबों की झड़ी लग गई। सीतारमण ने सोमवार को ट्वीट करके कहा कि केवल अपना नजरिया रखने के बजाय जवाब हासिल करने का हमेशा एक बेहतर तरीका हो सकता है। अन्यथा इस तरीके से ध्यानाकर्षण करने से देशहित को नुकसान हो सकता है। उ

नके इस बयान पर जवाब देते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, 'राहुल बजाज ने इतना ही कहा है कि उद्योग जगत सरकार की आलोचना करने से डरता है। क्या राष्ट्रहित आपकी तारीफ करने में है?' कांग्रेस प्रवक्ता सलमान अनीस सोज ने इस मामले में कहा कि केवल असुरक्षित, अक्षम और असहिष्णु सरकार ही सरकार की आलोचना को राष्ट्रहित के खिलाफ मान सकती है। वहीं सरकार का बचाव करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन आलोचनाओं को फर्जी करार दिया है।

उन्होंने ट्वीट किया, 'राहुल बजाज बेशक अमित शाह के सामने खड़े हो सकते हैं और अपने मन की बात उनके मुंह पर बेखटके कहते हैं और दूसरों को उनके साथ जुड़ने के लिए उकसाते हैं। यह स्पष्ट रूप से अभिव्यक्ति की आजादी और भारत में फल-फूल रहे लोकतांत्रिक मूल्यों का बेहतर उदाहरण है।' रेल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट कर कहा कि राहुल बजाज की टिप्पणी पर अमित शाह का जवाब देखें। बजाज के सवाल को सुनने के बाद मुझे यकीन है कि कोई भी इस दावे को नहीं मानेगा कि लोग डरे हुए हैं।

पिछले शनिवार की शाम को मुंबई में एक अवार्ड समारोह में बजाज समूह के चेयरमैन राहुल बजाज ने मंच से वहां पर मौजूद सीतारमण, गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री पीयूष गोयल के सामने कहा था कि लोग भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करने से डरते हैं। उद्योग जगत का कोई भी व्यक्ति इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाहता है। तभी शाह ने बजाज को जवाब दे दिया था कि किसी भी बात से डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि मीडिया में लगातार नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की जा रही है। लेकिन यदि आप ऐसा कह रहे हैं कि इस तरह का माहौल है तो हमें इसको सुधारने की जरूरत है।

हालांकि बजाज के समर्थन में रविवार की शाम को बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार भी आ गई और उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय उद्योग जगत से अछूतों की तरह बर्ताव करती है। उन्होंने ट्वीट किया कि अब तक हम सभी खारिज किए जा चुके हैं। सरकार हमारी अर्थव्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की आलोचना नहीं सुनना चाहती है। हम उम्मीद करते हैं कि वह उद्योग जगत से बात करके इस समस्या का समाधान निकालेंगे ताकि खपत और विकास को बढ़ाया जा सके। इसके तत्काल बाद सीतारमण ने उसी कार्यक्रम का एक वीडियो ट्वीट किया जिसके साथ उन्होंने लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल बजाज के उठाए मुद्दों को कैसे लिया और जवाब दिया। उनके सवालों-आलोचनाओं को सुना भी गया और उसका जवाब भी दिया गया।

Posted By: Yogendra Sharma