अलीगढ़। अलीगढ़ के टप्पल में ढाई साल की बच्ची की बेरहमी से हुई हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि बच्ची पर एसिड अटैक नहीं हुआ था साथ ही उसकी आंखें भी नहीं निकाली गईं थीं जैसा परिजनों का आरोप है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने सोशल मीडिया पर फैल रही इन अफवाह पर रोक लगाने की अपील की है। टप्पल हत्याकांड को लेकर ट्विटर पर चार हैशटैग ट्रेंड हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग ट्वीट कर रहे हैं।

कुलहरि ने कहा कि बच्ची पर न एसिड अटैक हुआ है और न उसकी आंखें गायब थीं। इस तरह की बातें सोशल मीडिया पर की जा रही हैं, जो पूरी तरह गलत हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया है। रेप की भी पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, जांच के लिए स्लाइड आगरा भेजी गई है, जिसकी रिपोर्ट से स्थिति साफ हो पाएगी।

एएसपी ने साफ किया कि बच्ची का शव तीन दिन पुराना था और उसका कफी हिस्सा गल चुका था। कीड़े भी पड़ गए थे। आंख के नीचे चोट के निशान थे। पर, आंखें ठीक थीं। इस मामले में दो को जेल भेजा जा चुका है। पीड़ित परिवार के एक आरोपी के भाई व पत्नी पर भी साजिश का शक जताया है, जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपितों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रेक कोर्ट में सारे सबूत व पैरवी की जाएगी।

SIT का गठन

घटना को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच एसएसपी आकाश कुलहरी ने जांच के लिए एसआईटी गठित करने के साथ ही आरोपितों पर एनएसए की कार्रवाई की घोषणा की है। देहात मणिलाल पाटीदार के नेतृत्व में सीओ खैर पंकज श्रीवास्तव के पर्यवेक्षन में 4 विवेचक करेंगे जांच। तीन सप्ताह में एसआईटी देगी अपनी रिपोर्ट। विवेचकों में इंस्पेक्टर टप्पल संजय कुमार जायसवाल, महिला थाना इंस्पेक्टर सुनीता मिश्रा समेत चार इंस्पेक्टर रहेंगे शामिल।

इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित

हत्याकांड में लापरवाही बरतने में एसएसपी ने टप्पल थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। इनमें तीन दारोगा व एक सिपाही भी शामिल है। सभी के खिलाफ जांच के भी आदेश दिए हैं। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह चाहल, दारोगा सत्यवीर सिंह, अरविंद कुमार, शमीम अहमद व सिपाही राहुल यादव शामिल हैं। बच्ची का शव मिलने के बाद कुशलपाल सिंह चाहल को लाइन हाजिर किया गया था।

ये था मामला

टप्पल में 30 मई को एक ढाई साल की बच्ची गायब हुई थी। दो जून को उसका क्षत-विक्षत शव घर से 100 मीटर दूर मिला। बच्ची के पिता ने पहले ही दिन हत्या का शक मुहल्ले के जाहिद पर जताया था। बताया था कि जाहिद ने उधार के पांच हजार रुपये तो नहीं दिए, उल्टे परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। पुलिस ने जाहिद व उसके पड़ोसी असलम को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। चार जून को हत्या का पर्दाफाश कर दोनों को जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार दोनों ने हत्या करना कुबूल किया। वजह में बच्ची के पिता से बेइज्जती का बदला लेना बताया।