UP: ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोर्ट ने श्रीकांत त्यागी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले यूपी पुलिस ने नोएडा के ओमेक्स सोसायटी में महिला से मारपीट और गाली-गलौज के आरोपी श्रीकांत त्यागी को मेरठ के श्रद्धापुरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे कमिश्नर ऑफिस लाया गया, जहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने उसे मीडिया के सामने पेश किया। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि उसे पकड़ने के लिए 12 टीमें लगातार काम कर रही थीं। वो बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था, इसलिए उसे पकड़ने में इतना समय लगा। श्रीकांत त्यागी ने एक और खुलासा किया है। उसने पुलिस को बताया कि उसे MLA स्टीकर खुद यूपी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिया था। इससे उसके बीजेपी के नेताओं के साथ संबंध का साफ पता चलता है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक श्रीकांत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से भी मदद मांगी थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

नोएडा के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि श्रीकांत लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। पहले वह दिल्ली के एयरपोर्ट जा रहा था, लेकिन वीडियो वायरल होने की वजह से उसकी पहचान जाहिर होने लगी थी। पकड़े जाने का खतरा देख उसने सड़क मार्ग से ही निकलना बेहतर समझा। इस दौरान वह मुजफ्फराबाद, ऋषिकेश, हरिद्वार जैसे कई स्थानों पर रुका। साथ ही कई बार फोन बदले ताकि उसे ट्रैक ना किया जा सके। 6 अगस्त को हरिद्वार से ऋषिकेश गया और अगले दिन वापस यूपी आया। फिर मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत में रहा। इस बीच बार-बार जगह बदलकर श्रीकांत त्यागी तीन दिनों तक पुलिस को चकमा देता रहा। लेकिन पुलिस पीछे लगी रही और मेरठ के पास उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

किस तरह का था रसूख?

पुलिस ने इस मामले में श्रीकांत त्यागी के साथ उसके मददगार नकुल त्यागी, संजय और ड्राइवर राहुल को भी दबोच लिया है। छानबीन में पुलिस को इसके पास ऐसे 5 वाहन मिले हैं, जिनमें वीआईपी नंबर 0001 हैं। एमएलए का स्टीकर उसके पुराने सहयोगी और गॉडफादर स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुहैया कराया था। जबकि लोगों पर रौब झाड़ने के लिए राजकीय चिन्ह इसने खुद बनवाया था। इसको गाजियाबाद से गनर भी मिले थे, जिसकी तफ्तीश चल रही है।

Posted By: Shailendra Kumar

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