नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में औसत से मध्यम दर्जे की बारिश से मौसम सुहावना बना रहा। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में उच्च पर्वतीय इलाकों में मंगलवार को बर्फबारी हुई तो मैदानी क्षेत्रों में बारिश से तापमान नीचे चला गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब व हरियाणा में भी हल्की बारिश हुई।

श्रीनगर की वादी में मंगलवार को मौसम के तेवर कड़े रहे। उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। इससे वादी का तापमान सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। उत्तरप्रदेश के कई जिलों में बारिश से मौसम सुहावना बना रहा।

पंजाब के अमृतसर में 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि हरियाणा के अंबाला, हिसार समेत कई जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश हुई। राजस्थान के चुरु, पिलानी, जयपुर सहित अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश हुई।

राजधानी दिल्ली में मंगलवार की सुबह बादलों से ढंकी रही, लेकिन बीच-बीच में धूप आती-जाती रहती। इस दौरान 2.2 मिलीमीटर की बारिश ने मौसम को सुहावना बनाए रखा और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास जा पहुंचा।

जलभराव से थर्मल प्लांट बंद

पंजाब के मानसा जिला स्थित तलवंडी साबो थर्मल प्लांट भारी बारिश के बाद जलभराव के चलते 20 दिनों के लिए बंद कर दिया गया और बिजली उत्पादन ठप हो गया। प्लांट में वैगन टिपलर की जगह पर 15 फीट तक पानी भर गया और खतरे की आशंका बढ़ गई थी।

वैष्णो देवी में हेलीकॉप्टर सेवा बाधित

खराब मौसम के कारण मंगलवार को भी मां वैष्णो देवी के दरबार में हेलीकॉप्टर सेवा बाधित रही। नए यात्रा मार्ग पर चलने वाली बैट्री कार सेवा भी उपलब्ध नहीं हो सकी। श्रद्धालुओं को पैदल, घोड़ा, पिट्ठू पालकी आदि से देवी भवन जाना पड़ा।

कम बारिश ने बिगाड़ा किसानों का गणित

अगस्त में काफी कम बारिश ने किसानों का गणित बिगाड़ दिया है। बीते वर्ष के मुकाबले इस साल अगस्त माह में बारिश की स्थिति बहुत खराब रही। उप्र के 75 जिलों में से 41 में सूखे जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। इनमें 23 जिले ऐसे हैं, जहां 40 फीसद से भी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। कृषि विभाग के अनुसार सबसे कम 8.3 फीसद बारिश गाजियाबाद व नोएडा में 12 फीसद रिकॉर्ड की गई है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के डेढ़ दर्जन जिलों व पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ जिलों में कम बारिश के चलते सूखे से हालात हैं। सहारनपुर, बरेली, चित्रकूट, बांदा, मुरादाबाद और गोरखपुर जिले सूखे जैसे हालात से जूझ रहे हैं।

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