नई दिल्ली। दुनिया की जानी-मानी आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक और विख्यात उद्योगपति बिल गेट्स ने 500 रुपए और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के मोदी सरकार के फैसले को साहसिक करार दिया है। गेट्स का कहना है कि इस कदम से भारत में कालेधन में कमी आएगी।

उनका कहना है कि भारत के धीरे-धीरे डिजिटल ट्रांजैक्शकन की ओर बढ़ने से देश में पारदर्शिता बढ़ेगी और लीकेज में कमी आएगी। बिल गेट्स ने यह बात यहां नीति आयोग की ओर से आयोजित "ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया" लेक्चर सीरिज के तहत आयोजित व्याख्यान में कही।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद के कई वरिष्ठ मंत्री तथा नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगढ़िया और सीईओ अमिताभकांत मौजूद थे। गेट्स ने अपने भाषण के दौरान नोटबंदी संबंधी मोदी सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उच्चभ मूल्यौ वर्ग के नोट बंद करने और इसकी जगह हाई सीक्योरिटी फीचर वाले नए नोट शुरू करने का प्रधानमंत्री का निर्णय साहसिक है।

यह भारतीय अर्थव्यवस्था में व्याप्त कालेधन को कम करने की दिशा में अहम कदम है। गेट ने कहा कि सरकार अगर डिजिटल ट्रांजेक्शन यानी ऑनलाइन लेन-देन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाती है तो इससे पारदर्शिता आएगी। साथ ही इससे लीकेज भी रुकेगी।

गेट्स ने कहा कि डिजिटल फाइनेंशियल के लिए जरूरी सभी चीजें भारत में मौजूद हैं। गेट्स ने गरीबों को बैंकिंग तंत्र से जोड़ने के लिए मोदी सरकार की ओर से शुरु की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना की भी सराहना की।

उल्लोखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को राष्ट्र को संबोधित करते हुए 500 रुपए और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी। सरकार ने इसके बाद 2000 रुपए का हाई सीक्युबरिटी फीचर वाला नया नोट तथा 500 रुपए का भी नया नोट जारी किया है।

मोदी सरकार के इस निर्णय की गेट्स की ओर से प्रशंसा करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ विपक्षी दलों ने नोटबंदी को संसद के भीतर और बाहर मुद्दा बनाया है।

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