नई दिल्‍ली। असम के एनसीआर मुद्दे को लेकर टीएमसी का हंगामा संसद में जारी है। शुक्रवार को भी राज्यसभा में यह मुद्दा उठा जिसके बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में कहा कि यह फाइनल लिस्ट नहीं है। उन्‍होंने कहा कि एनआरसी अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए बनाया गया है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कई अहम लोगों के नाम लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं तो ऐसे में प्रक्रिया को कैसे एकदम ठीक माना जाए?

वहीं लोकसभा में टीएमसी सांसदों को असम में रोकने का मुद्दा उठा। इस पर केंद्रीय गृहमंत्री ने टीमएमसी सांसदों की गिरफ्तारी पर कहा कि असम सरकार को मीडिया और खुफिया एजेंसियों के जरिए कुछ जानकारी मिली थी. इसी आधार पर राज्य में कानून व्यवस्था को देखते हुए एयरपोर्ट पर सांसदों को हिरासत में लिया गया था। सांसदों के दल को 151 CRPC के तहत गिरफ्तार किया गया और सिल्चर एयरपोर्ट के गेस्ट हाउस में ठहराया गया था. प्रतिनिधिमंडल के सम्मान के साथ कोलकाता और दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

असम एनआरसी मुद्दे पर राज्‍यसभा में हुआ हंगामा

राज्‍यसभा में गुरुवार को भी असम पर नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजन के फाइनल ड्राफ्ट पर जमकर हंगामा हुआ। टीएमसी ने एनआरसी मुद्दे पर चर्चा की मांग की, लेकिन सभापति ने कहा कि इसपर चर्चा हो चुकी है और अब यह मुद्दा दोबारा नहीं उठाया जाएगा। लेकिन नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम चर्चा चाहते हैं। इस पर संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि सदन में अमित शाह और गृहमंत्री को बोलने नहीं दिया, जबकि विपक्षी नेताओं ने अपनी बात रखी। इसके बाद सभापति ने कहा कि गृहमंत्री से बात करके इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी। लेकिन टीएमसी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। वे 'प्रधानमंत्री जवाब दो' के नारे लगाने लगे, जिसके बाद सभापति ने राज्‍यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्‍थगित कर दी।

असम एनआरसी मुद्दे पर राज्‍यसभा में हुआ हंगामा

राज्‍यसभा में गुरुवार को भी असम पर नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजन के फाइनल ड्राफ्ट पर जमकर हंगामा हुआ। टीएमसी ने एनआरसी मुद्दे पर चर्चा की मांग की, लेकिन सभापति ने कहा कि इसपर चर्चा हो चुकी है और अब यह मुद्दा दोबारा नहीं उठाया जाएगा। लेकिन नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम चर्चा चाहते हैं।

इस पर संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि सदन में अमित शाह और गृहमंत्री को बोलने नहीं दिया, जबकि विपक्षी नेताओं ने अपनी बात रखी। इसके बाद सभापति ने कहा कि गृहमंत्री से बात करके इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी। लेकिन टीएमसी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। वे 'प्रधानमंत्री जवाब दो' के नारे लगाने लगे, जिसके बाद सभापति ने राज्‍यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्‍थगित कर दी।

ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का विधेयक लोकसभा में पारित

अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का विधेयक गुरुवार को लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया। खास बात यह रही है कि राज्यसभा में पिछली बार इस विधेयक में संशोधन पारित कराने वाली कांग्रेस ने भी लोकसभा में उस संशोधन को खारिज कर दिया। विधेयक पर मतदान के दौरान मौजूद रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके पारित होने पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को बधाई दी। जाहिर है कि अब राज्यसभा में भी इसके निर्विघ्न पारित होने की संभावना है।