कोलकाता। NRC के मसले पर राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि हिंदुओं को इस पर घबराने की आवश्‍यक्‍ता नहीं है। भागवत के इस बयान को अहम माना जा रहा है क्‍योंकि संघ और भाजपा की बैठक में इस पर बात हुई थी।

महानगर के दौरे पर पिछले 19 सितंबर पर पहुंचे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत भागवत ने एनआरसी को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। मोहन भागवत ने कहा है कि किसी भी हिंदू व्यक्ति को एनआरसी के तहत देश नहीं छोड़ना होगा। RSS और BJP के बीच हुई बैठक में NRC का मुद्दा उठा था। जिस पर भागवत ने कहा कि किसी भी हिंदू व्यक्ति को एनआरसी के तहत देश नहीं छोड़ना होगा।

जिनका शोषण हुआ, वे मातृभूमि लौट सकते हैं

मोहन भागवत ने कहा कि दूसरे देशों में जिन हिंदुओं का शोषण हुआ है, वे अपनी मातृभूमि वापस लौट सकते हैं। मोहन भागवत कोलकाता व हावड़ा में लगातार बैठकें कर रहे हैं। इन्हीं सांगठनिक बैठकों में उन्होंने बयान दिया कि हिंदुओं को देश नहीं छोड़ना होगा।

इस बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई सदस्य उपस्थित थे। एनआरसी को लेकर लोगों के बीच भय व्याप्त है। सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा नेताओं ने एनआरसी को लेकर भय का माहौल बना दिया है जिसकी वजह से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है।

अमित शाह भी बोल चुके हैं ऐसा

पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि मोदी सरकार देश भर में एनआरसी लागू करेगी। एनआरसी के अलावा देश में जो भी लोग रह रहे हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत देश से बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों का रजिस्टर होना वक्त की जरूरत है।