नई दिल्ली। यदि कोई अनिवासी भारतीय (एनआरआइ) किसी भारतीय नागरिक से विवाह करता है तो उसे स्थानीय कानून के मुताबिक 30 दिनों के भीतर अपना विवाह पंजीकृत कराना होगा।

यदि वह ऐसा नहीं करता है तो उसका पासपोर्ट जब्त या रद किया जा सकता है। इससे संबंधित बिल सोमवार को राज्यसभा में पेश किया गया।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा पेश अनिवासी भारतीयों के विवाह पंजीकरण विधेयक-2019 में कोर्ट को कई प्रकार के अधिकार दिए गए हैं।

अदालत के समक्ष पेश नहीं होने पर अगर किसी एनआरआइ को 'घोषित अपराधी' घोषित किया जाता है तो उसकी चल और अचल संपत्ति जब्त करने का कोर्ट को अधिकार होगा।

विधेयक के मसौदे के मुताबिक अदालतों को विदेश मंत्रालय द्वारा इस संबंध में बनाई गई विशेष वेबसाइट से अभियुक्तों को समन और वारंट भेजने की भी अनुमति होगी।

सबसे खास बात यह है कि अगर कोई एनआरआइ किसी एनआरआइ से विदेश में विवाह करता है तो उसे उस देश के नियमों के मुताबिक अपने विवाह का पंजीकरण कराना होगा।

खास बात यह है कि बजट सत्र बुधवार को समाप्त हो रहा है। चूंकि लोकसभा चुनाव से पहले यह अंतिम सत्र है इसलिए विधेयक के पारित होने की संभावना नहीं है।

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