मकर संक्रांति के अवसर पर शुक्रवार को भारत सहित दुनियाभर के एक करोड़ से अधिक लोगों ने मिलकर सूर्य नमस्कार किया। कोरोना महामारी के दौरान तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए लोग इस कार्यक्रम से जुड़े।आयुष मंत्रालय ने कहा, केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और आयुष राज्य मंत्री डा.महेंद्र मुंजपारा ने आनलाइन रूप से कार्यक्रम की मेजबानी की। सोनोवाल ने कहा, आयुष मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम में शामिल हर व्यक्ति मानवता की सेवा में मदद कर रहा है। सभी प्रतिभागियों को मेरा धन्यवाद। योग गुरु बाबा रामदेव, पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण, आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरु जग्गी वासुदेव सहित दुनिया की कई हस्तियां कार्यक्रम से जुड़ी। देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत इसका आयोजन किया गया।

जानिये किसने क्‍या कहा

आयुष मंत्रालय द्वारा की गई यह पहल इस महामारी के समय में हर इंसान के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है।

- तमाकी होशी, मिस वर्ल्ड जापान 2021

सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जीवन शक्ति के आधार से अवगत कराना है। योग का मतलब लोगों को एकजुट करना है और हम सूर्य नमस्कार करने वाले लोगों को एक साथ जोड़कर ऐसा ही कर रहे हैं।

- बाबा रामदेव, योगगुरु

सूर्य की ऊर्जा से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जो हमें इस महामारी (कोरोना) से बचा सकती है।

- श्री श्री रविशंकर, आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक

दुनिया में सब कुछ सूर्य की ऊर्जा से संचालित होता है। प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।

- सदगुरु जग्गी वासुदेव, ईशा फाउंडेशन के संस्थापक

Posted By: Navodit Saktawat