हैदराबाद। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने बजट सत्र के दौरान विपक्ष को संसद की कार्यवाही बाधित नहीं करने की सलाह दी है। उन्होंने शनिवार को कहा कि सरकार को सत्र के दौरान अरुणाचल प्रदेश और रोहित वेमुला मामले पर चर्चा से कोई परहेज नहीं है।

इन दोनों मुद्दों पर संसद में हंगामे की आशंका पर नायडू ने प्रेट्र से बातचीत में कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और हमें इससे कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में केंद्र सरकार की कोई भूमिका है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात की आशंका है कि इन मुद्दों पर विपक्षी पार्टियां सदन का कामकाज बाधित कर सकती हैं, वेंकैया ने कहा कि यह कांग्रेस पर निर्भर है कि वह लोकतंत्र को काम करने देना चाहती है या कामकाज में बाधा डालना चाहती है।

उन्होंने उम्मीद जतायी कि संसद को काम करने दिया जाएगा और जनता से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। नायडू ने कहा कि वह सिर्फ सलाह देना चाहते हैं कि चर्चा कीजिए, बहस कीजिए, फैसले लीजिए लेकिन संसद को बाधित मत कीजिए।

रोहित वेमुला की आत्महत्या के मुद्दे पर हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में दिनभर की भूख हड़ताल पर बैठे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर उन्होंने आरोप लगाया कि वह इस संवेदनशील मानवीय मुद्दे पर घटिया राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने साफ कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण और कुछ नहीं बल्कि घटिया राजनीति ही है। यह बेहद ही संवेदनशील मुद्दा है। उन्हें इस मुद्दे पर गठित न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि संप्रग कार्यकाल के दौरान जब हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में अलग-अलग मौकों पर दस छात्रों ने आत्महत्या की थी तब राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने विश्वविद्यालय का दौरा क्यों नहीं किया?

उस समय कांग्रेस क्यों मौन रही? चुनिंदा मौकों पर ही विरोध क्यों? नायडू ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण करके हम हर मुद्दे के साथ अन्याय ही करते हैं।