नोएडा। विख्यात शिल्पकार राम वी. सुतार को पद्म भूषण पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इससे पहले वर्ष 1999 में उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया है। उनका कहना है कि पद्म भूषण उनकी कला का सम्मान है। राम वी. सुतार को संसद भवन परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के शिल्पी के तौर पर जाना जाता है।

कम ही लोगों को पता है कि उनकी बनाई महात्मा गांधी की प्रतिमा अब तक विश्व के तीन सौ से अधिक शहरों में लग चुकी है। 91 वर्ष के हो चुके राम वी. सुतार अभी भी हर दिन 8-10 घंटे कार्य करते हैं। जागरण से विशेष बातचीत में सुतार ने कहा कि सरकारें कला को लेकर भिन्न नजरिया रखती हैं। ऐसे में मुझे यह पुरस्कार देरी से मिला इस पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा।

गौरतलब है कि सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सुतार के नेतृत्व में ही तैयार हो रही है। चीन में बन रही यह प्रतिमा अगले दो सालों में तैयार हो जाएगी। इसके अलावा वह विश्व की सबसे ऊंची तलवार भी तैयार कर रहे हैं जो अमृतसर के वॉर मेमोरियल में लगेगी।

देशवासियों को समर्पित पद्मश्री: डॉ. डीएस गंभीर

हृदय की मुख्य धमनी में एंजियोप्लास्टी करने वाले देश के पहले व मेडिकेटेड स्टेंट बनाने वाले दुनिया के दूसरे डॉक्टर डीएस गंभीर को उनकी उपलब्धियों के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। उन्होंने इस पुरस्कार को देशवासियों के लिए समर्पित किया है।

डॉ. गंभीर सेक्टर 27 स्थित कैलाश अस्पताल में ग्र्रुप डॉयरेक्टर ऑफ कॉर्डियोलॉजी के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें अमेरिकन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी व नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंस से फेलोशिप मिल चुका है।

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