नई दिल्ली। पाकिस्तान ने भारत के साथ पोस्टल सेवा एकतरफा रोक कर दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों का एक और बानगी पेश की है। भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपने पड़ोसी देश की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करार दिया है। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने से बौखलाए पाकिस्तान 27 अगस्त से ही भारत से कोई पोस्टल कन्साइनमेंट स्वीकार नहीं कर रहा है। संचार एवं आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद, जिनके जिम्मे डाक विभाग भी है, ने बताया है कि इस्लामाबाद ने भारत को बिना कोई पूर्व सूचना दिए एकतरफा तौर पर पोस्टल मेल सेवा बंद कर दी है। उन्होंने कहा- 'पाकिस्तान का यह फैसला सीधे तौर पर वैश्विक पोस्टल यूनियन के नियमों का उल्लंघन है। लेकिन पाकिस्तान तो पाकिस्तान है।"

पाकिस्तान द्वारा भारत से और भारत को भेजे जाने वाले डाक को लेने से मना करने के कारण भारतीय डाक अधिकारी उस देश को प्रेषित डाक को 'होल्ड" करने पर बाध्य हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी पत्र सऊदी अरब एयरलाइन की सेवाओं द्वारा भारत पहुंच रहे हैं। प्रसाद ने इस बात की पुष्टि की है कि पाकिस्तान के साथ डाक सेवा पिछले दो महीने से बंद है।

रवि शंकर प्रसाद ने कहा- 'एक वर्ल्ड पोस्टल यूनियन सिस्टम है और हर देश उसके तहत काम करता है। पाकिस्तान ने पिछले दो महीनों से इसे बंद कर रखा है। इसलिए जब पाकिस्तान ने बंद कर रखा है तो हमारे डाक विभाग को इस कार्रवाई पर सोचना होगा... अब पाकिस्तान ने भारतीय पत्रों को भी रोक दिया है।"

मालूम हो कि विभाजन, युद्धों और सीमा पर तमाम तनावों के बावजूद दोनों देशों के बीच डाक सेवा जारी रही है, इसलिए पाकिस्तान का यह कदम अभूतपूर्व माना जा रहा है।

Posted By: Navodit Saktawat