मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। पैन कार्ड और आधार नंबर लिंक को लेकर सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ऐसे पैन कार्ड को डी-एक्टिवेट करने की तैयारी में है जो कि आधार से लिंक नहीं हुए हैं।

इसके पीछे यह कारण माना जाएगा कि जो पैन आधार से लिंक नहीं हुए हैं, वे फेक हैं। संभवत: 31 अगस्‍त के बाद ऐसे पेन कार्ड डी-एक्टिवेट कर दिए जाएंगे।

हाल ही में जब केंद्रीय बजट पेश किया गया था, तब सरकार ने कहा था कि इस वर्ष से भारत में लोग अपने आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार का उपयोग कर सकेंगे।

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी पैन कार्ड जिन्हें आधार से लिंक नहीं किया गया है, उन्हें 31 अगस्त के बाद निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि "मौजूदा पैन कार्ड का उपयोग करने के लिए और उन्‍हें जारी रखने के लिए, नागरिकों को उन्हें आधार से जोड़ना होगा"।

वरना ये पैन कार्ड डिएक्टिवेट हो जाएंगे और लोगों को अपना टैक्स रिटर्न फाइल करते समय आधार नंबर कोट करना होगा।

सरकार के सूत्रों ने बताया कि जिसके पास भी पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं है, या जिसके पास पैन कार्ड नहीं है, उन्‍हें टैक्‍स भरते समय एक नया वर्चुअल पैन नंबर दिया जाएगा। यह नंबर बताए गए आधार नंबर से लिंक किया जाएगा।

वर्तमान में भारत में लगभग 400 मिलियन पैन कार्ड हैं, और इनमें से केवल 220 मिलियन लोग ही आधार के साथ जुड़े हुए हैं।

आधार को पैन कार्ड से जोड़ने की यह कवायद कुछ साल पहले शुरू हुई थी, लेकिन सरकार को इस कदम पर अक्सर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।

इस कदम को अदालत में चुनौती का भी सामना करना पड़ा है, हालांकि, इस साल की शुरुआत में आधार के

फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने पैन कार्ड और आधार को जोड़ने की अनुमति दी, लेकिन यह भी कहा कि आधार को बुनियादी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता है।

हाल ही में, सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में आधार संशोधन विधेयक 2019 पारित किया, जिसमें कहा गया है कि बैंकों और टेलीकॉम जैसी निजी कंपनियों द्वारा आधार के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अनुमति दी जाएगी।