नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है जो 13 फरवरी तक चलेगा। इसकी शुरूआत गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के संबोधन के साथ हुई। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने पिछले पांच सालों में केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त की गई उलब्धियों को गिनाया।

इसके बाद अब शुक्रवार को कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल अंतरिम बजट पेश करेंगे। हालांकि पहले कहा जा रहा था कि यह पूर्ण बजट होगा। बहरहाल, वर्तमान राजग सरकार के इस आखिरी संसद सत्र में राफेल सौदे और किसानों की स्थिति समेत कई मसलों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ सकते हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट ही पेश करेगी। वित्त मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा, "यह बजट अंतरिम बजट 2019-20 कहलाएगा और इसलिए इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।" प्रवक्ता का यह बयान बजट भाषण और उसके दस्तावेजों के आधिकारिक शीर्षक को लेकर है।

मंगलवार को "प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो" (पीआईबी) अधिकारियों की एक वर्कशॉप में कथित तौर पर कहा गया था कि बजट का शीर्षक "आम बजट 2019-20" होगा। यह सूचना कुछ पत्रकारों के हाथ लग गई थी, जिसके कारण भ्रम पैदा हुआ।

बहरहाल, वित्त मंत्रालय की तरफ से स्पष्टीकरण जारी होने के बावजूद पीआईबी के कुछ अधिकारियों का कहना है कि एक फरवरी को संसद में पेश होने वाले बजट से संबंधित आधिकारिक विज्ञप्तियों का शीर्षक "आम बजट 2019-20" ही होगा।

हंगामेदार हो सकता है सत्र

इस सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद है जहां एक ओर सरकार लोकलुभावन घोषणाएं कर सकती है तो दूसरी ओर विपक्ष राफेल विमान सौदे, किसानों से जुड़े विषयों समेत अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार को घेरेगी।

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