नई दिल्ली। पिछले कुछ सालों में तो आपने शायद ही सुना हो की संसद में हंगामा ना हुआ हो और उसकी कार्यवाही तय समय तक बिना रुके चली हो। लेकिन गुरुवार को कुछ ऐसा हुआ है जो वाकई में जानने लायक है। दरअसल, गुरुवार को लोकसभा में सांसदों ने आधी रात तक काम किया और एक विशेष मुद्दे पर चर्चा की।

यह चर्चा रेलवे की अनुदान मांगों को लेकर थी और सत्ता के अलावा विपक्षी दलों के सांसद भी इस दौरान सदन में मौजूद रहे। इस दौरान विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर रेल की परिसंपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया। इनका कहना था कि भाजपा के नेतृत्व वाला राजग जमीन पर ज्यादा कुछ करने के बजाय लोगों को सपने बेच रहा है। वहीं भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को दरकिनार करते हुए रेल दुघर्टनाओं में बीते पांच साल में 73 प्रतिशत की कमी आने का दावा किया है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को मालूम था कि यह बहस देर तक चल सकती है। इसे देखते हुए उन्होंने सभी के लिए भोजन और सांसदों को घर छोड़ने की व्यवस्था करने के लिए कहा था।

अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने अपने सेक्रेटेरियट से सदस्यों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के लिए पर्याप्त भोजन और पानी के साथ-साथ परिवहन की सुविधा की व्यवस्था करने के लिए पहले ही कह दिया था।

लोकसभा में देर रात तक हुई चर्चा पर केंद्रीय रेल राज्यमंत्री एस अंगदी ने कहा कि रेलवे एक परिवार की तरह है जो सबको जोड़े रखता है। सभी सांसदों ने अच्छी सालह दी। पीएम मोदी के आने के बाद से रेलवे बदला है। वाजपेयी जी ने जो सड़कों को लेकर किया वो मोदी जी ट्रेनों को लेकर कर रहे हैं।

रेल मंत्रालय की अनुदान की मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए लोक सभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि नागर विमानन मंत्री एयर इंडिया को बेचना चाहते हैं जबकि रेल मंत्री रेल की परिसंपत्तियों को बेचना चाहते हैं। भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार 2014 में सत्ता में आने के बाद लगातार अपने लक्ष्य हासिल करने में असफल रही है। सरकार पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा कि बजट में रेल पर 50 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है जबकि रेल मंत्री पीयूष गोयल के पूर्ववर्ती सुरेश प्रभु ने 8.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया था, उसका क्या हुआ।

चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य सुनील कुमार सिंह ने कहा कि रेल दुर्घटनाओं में 2014 से 2019 के दौरान 73 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पार्टी और उनके नेताओं के हित प्राथमिकता में ऊपर थे जबकि राजग सरकार के लिए देश हित सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि रेल की स्थिति और प्रदर्शन अब पहले से काफी बेहतर हुई है। भाजपा के ही गोपाल चिनय्या शेट्टी ने पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कहा कि इससे देश की प्रगति को प्रोत्साहन मिलेगा।

भारत के लिए बुलेट ट्रेन नहीं

तृणमूल कांग्र्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि भारत में बुलेट ट्रेन की अवधारणा संभव नहीं है। उन्होंने सरकार पर छल करने और झूटे वादे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन दरअसल तेज रफ्तार ट्रेन है बुलेट ट्रेन नहीं। उन्होंने सरकार से 100 साल से पुराने हो चुके रेलवे के पुलों पर ध्यान देने की मांग भी की।

स्टेशन पर शौचालय निःशुल्क हो

चर्चा में भाग लेते हुए शिवसेना के सदस्य राहुल रमेश शेवाले ने केंद्र सरकार से रेलवे स्टेशनों पर निःशुल्क शौचालय की सुविधा मुहैया कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा मुफ्त दी जा रही है, लेकिन शौचालय के लिए पैसे लिए जा रहे हैं।

हाथ से मैला की सफाई शर्मनाक

द्रमुक की कनीमोरी ने कहा कि रेलवे में हाथ से मैला साफ करने की व्यवस्था देश के लिए शर्म की बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवले इसे छिपाने के लिए यह काम ठेकेदारों के जरिए करा रहा है। खबर लिखे जाने तक रेल मंत्रालय की अनुदान की मांगों पर लोक सभा में चर्चा जारी थी।

Posted By: Ajay Barve