Parliament Session 2019: संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार को भी हंगामा हुआ। प्रश्नाकाल के बाद भाजपा सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन के उस बयान पर हंगामा किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को घुसपैठिया करार दिया था। लोकसभा में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि हम अधीर रंजन के बयान की आलोचना करते हैं। सोनिया गांधी घुसपैठिया हैं। यदि कांग्रेस में थोड़ी भी शर्म है तो माफी मांगे। हम सोनिया गांधी और राहुल गांधी से माफी की मांग करते हैं। इसके जवाब में अधीर रंजन ने कहा, आप हमारे लीडर को घुसपैठिया कह रहे हैं। क्या कर हो हो आप लोग (भाजपा)? यदि हमारा नेता घुसपैठिया है तो तुम्हारा नेता भी है।

बता दें, इससे पहले NRC को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए अधीर रंजन ने कहा था, 'यह भार देश सबके लिए है। ये देश किसी की जागीर है क्या? यहां सभी का समान अधिकार है। अमित शाह जी, नरेंद्र मोदी जी आप खुद बाहरी हैं। घर आपका गुजरात है, आ गए दिल्ली। वैध-अवैध बाद में पता चलेगा।' इस बयान पर भाजपा भड़क गई और अधीर रंजन से मांफी की मांग की है।

अधीर रंजन के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा है कि इस तरह की भाषा का प्रयोग कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। बता दें, केंद्र सरकार पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की बात कह रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिनों लोकसभा में कहा था कि असम के बाद पूरे देश में एनआरसी लागू किया जाएगा।

संसद में उठाए गए दो मुद्दे

विपक्षी दलों ने दो मामले उठाए। कांग्रेस ने लोकसभा में जहां हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला उठाया, वहीं राज्यसभा में रामगोपाल यादव ने मोबाइल टैरिफ बढ़ाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए। भाजपा ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर विरोध दर्ज कराया है।

हैदराबाद की घटना पर बोले गुलाम नबी आजाद

हैदराबाद हत्याकांड पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने लोकसभा में कहा, कोई भी सरकार या नेता नहीं चाहेगा कि ऐसी घटना उनके राज्य में घटित हो। यह समस्या सिर्फ कानून बनाने से हल नहीं हो सकती है। ऐसे कृत्यों को मिटाने के लिए ऐसे अपराधों के खिलाफ एक साथ खड़े होने की जरूरत है। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिडला ने कहा कि देश में जो घटनाएं घट रही हैं, उस पर संसद भी चिंतित है। प्रश्नकाल के बाद इस पर चर्चा की अनुमति दी गई है।

Posted By: Arvind Dubey

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