Parliament Winter Session: देश से बड़ी संख्या में भारतीय अपनी नागरिकता छोड़कर हमेशा के लिए विदेश जा रहे हैं। शुक्रवार को संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने ये जानकारी दी। उन्होंने लोकसभा को सूचित किया कि साल 2022 में जनवरी से लेकर अक्टूबर के बीच एक लाख 83 हजार से अधिक लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ी है। वहीं 11 सालों में 16 लाख से अधिक लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी।उन्होंने बताया कि 2011 से अबतक 1.6 मिलियन यानी 16 लाख लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी। उन्होंने ये भी बताया कि लगभग 32 मिलियन भारतीय या भारतीय मूल के लोग विदेशों में रहते हैं। कांग्रेस के एक सांसद के पूछने पर कि 2015 से कितने भारतीय ने अपनी नागरिकता त्याग दी, मंत्री ने पिछले आठ साल के आंकड़े पेश किए।

कितने भारतीयों ने छोड़ी नागरिकता

दरअसल, कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने साल 2015 के जनवरी महीने से भारतीय नागरिकता छोड़ने वाले लोगों की संख्या का विवरण मांगा था। कांग्रेस सांसद के इस सवाल का जवाब केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधन ने दिया। और दूसरे देशों में जाकर बसनेवाले भारतीयों का चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया। कांग्रेस सांसद ने यह भी पूछा था कि विदेश में जाकर बसे भारतीय देश का कितना पैसा बाहर ले गए। इस पर मंत्री ने बताया कि इसके आंकड़े मंत्रालय के पास नहीं हैं, क्योंकि जिन लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है, मंत्रालय उनकी भारत से ले जाई गई संपत्ति पर नजर नहीं रखता है।

इतने लोगों को मिली नागरिकता

विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने यह भी बताया कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नागरिकों के अलावा 2015 में 93, 2016 में 153, 2017 में 175, 2018 में 129, 2019 में 113, 2020 में 27, 2021 में 42 और 2022 में सिर्फ 60 विदेशी नागरिकों ने भारतीय नागरिकता हासिल की।

इस बीच बीजेपी के एक सांसद राहुल कासवान द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि हजारों की संख्या में भारतीय, विदेशी जेलों में बंद हैं और सजा काट रहे हैं। विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 8,441 भारतीय विदेशी जेलों में बंद हैं। इनमें अकेले युनाइटेड अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की जेलों में 4,389 भारतीय बंद हैं।

Posted By: Shailendra Kumar

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