नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को मिसाल पेश करते हुए सदन की कार्रवाई जारी रखने के लिए लंच ब्रेक आगे बढ़ाया। इसके पीछे मकसद यह था कि सभी सदस्य शून्यकाल के दौरान लोक महत्व के मुद्दे उठा सकें। इस तरह सभी माननीय सांसदों को निर्धारित समय से करीब 3 घंटे देरी से भोजनावकाश मिला। लोकसभा स्पीकर के इस कदम की सभी सदस्यों ने सराहना की। बुधवार को दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर सदन को 30 मिनट के लिए भोजनावकाश के लिए स्थगित किया गया।

बुधवार को जैसे ही स्पीकर ने शून्यकाल के दौरान प्रश्न पूछने के लिए TMC सांसद सौगत रॉय का नाम लिया तो उन्होंने सीट से उठते ही कहा कि शायद अध्यक्ष महोदय ने भूखे-प्यासे लोगों को भुला दिया है। रॉय ने कहा, यह एक मिसाल है कि लोकसभा अध्यक्ष को कैसे काम करना चाहिए।

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था बनाई कि शून्यकाल के दौरान उठाए जाने वाले प्रश्नों का जवाब एक महीने के अंदर दिया जाए। इसको लेकर भाजपा के गोपाल शेट्टी ने उनकी तारीफ की। भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने शून्यकाल के दौरान सभी सदस्यों को मुद्दों को उठाने की अनुमति देने पर बिरला की प्रशंसा की।

मालूम हो, बीती 19 जून को बिरला को सर्वसम्मति से 17वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया है। ओम बिरला राजस्थान की कोटा-बूंदी सीट से सांसद हैं। 2014 में वे पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए थे।

Posted By: Arvind Dubey