नितिन प्रधान, नई दिल्ली। लोकसभा के कामकाज को पेपरलेस करने की कवायद तेज हो गई है। बहुत संभव है कि इस साल मानसून सत्र के बाद सांसदों की सीट पर कंप्यूटर टैब उपलब्ध कराने से लेकर उनके आवास पर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन देने का काम पूरा हो जाए। इसके बाद सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में भी इंटरनेट कनेक्विटी में सुधार की कोशिशों को तेज किया जाएगा।

लोकसभा को कागजी कामकाज से मुक्त कराने की मुहिम पर स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बुधवार को बैठक कर सचिवालय को इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। सूत्र बताते हैं कि स्पीकर ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि मानसून सत्र के बाद सदन में सभी सीटों पर टैब लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए। बताया जाता है कि आने वाले दिनों में स्पीकर सदन की पूरी कार्यवाही को ऑनलाइन बनाने के पक्ष में हैं।

अभी सरकार को संसद के कामकाज के लिए छपाई पर बहुत अधिक खर्च करना पड़ रहा है। कागजी कार्यवाही अधिक होने के चलते ऐसा हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक स्पीकर चाहती हैं कि सदन के एजेंडे से लेकर प्रश्नोत्तर काल में दिए जाने वाले जवाब तक सांसदों को ऑनलाइन उपलब्ध हों।

यही वजह है कि सांसदों को उनकी सीट पर टैब देने की व्यवस्था की जा रही है। लोकसभा सचिवालय ने पहले सांसदों को लैपटॉप देने की योजना बनाई थी। लेकिन लैपटॉप के आकार में बड़ा होने और उसे लाने ले-जाने में होने वाली दिक्कत को देखते हुए सांसदों को टैब देना तय हुआ है।

सूत्र बताते हैं कि बैठक में सांसदों के घर पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कत को देखते हुए उन्हें हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए विशेष तौर पर एमटीएनएल को कहा गया है। इस बात की भी व्यवस्था की जा रही है कि सांसद प्रश्नकाल में पूछे जाने वाले सवाल भी ऑनलाइन ही अपलोड कर पाएं। इसके लिए सांसदों को विशेष लॉग इन की सुविधा दी जाएगी। ऐसा होने के बाद वो कहीं भी रहते हुए सवाल अपलोड कर सकेंगे।

लोकसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन बनाने के लिए सदन में ऑप्टिकल फाइबर केबल का जाल भी बिछाया जाएगा। अभी सदन में कॉपर वायरिंग है जिसके चलते इंटरनेट की कनेक्टिविटी धीमी हो सकती है। इसलिए सूत्र बताते हैं कि इन्हें ऑप्टिकल फाइबर केबल से बदला जाएगा। सांसदों के संसदीय क्षेत्र के कार्यालयों और आवास को भी हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना है।

लोकसभा को हाइटेक बनाने की इस मुहिम का भरपूर लाभ लिया जा सके इसके लिए स्पीकर ने सांसदों के प्रशिक्षण की योजना बनाई है। सूत्र बताते हैं कि सचिवालय इसके लिए सभी सांसदों के बारे में जानकारी जुटा रहा है। तकनीक के प्रति सांसदों के रुझान और कंप्यूटर इस्तेमाल की जानकारी के आधार पर ही सांसदों के प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा।

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