नई दिल्ली। राज्यसभा के विशिष्ट 250वें सत्र के मौके पर सोमवार को मार्शलों के यूनिफॉर्म भी बदले नजर आए। पगड़ी के साथ ही पारंपरिक भारतीय परिधान वाला उनका यूनिफॉर्म सैन्य स्टाइल की वर्दी और टोपी में बदल गई है। परंपरा के अनुसार, पीठासीन अधिकारी के पास दो मार्शल खड़े रहते हैं, जो आसन को उनके डेस्क संभालने में कागजात को व्यवस्थित करने में मदद करते हैं। सदन के 250वें सत्र के पहले दिन मार्शलों के सैन्य स्टाइल की वर्दी तथा टोपी में आने से सदस्य हैरत में पड़ गए। यद्यपि नई वर्दी ऑलिव ग्रीन है, जो सैन्यकर्मियों की वर्दी से अलग रंग का है। इसके पहले मार्शल गर्मी में सफारी सूट तथा सर्दी में पगड़ी के साथ बंद गला वाला भारतीय परिधान पहनते रहे हैं। सदन में जब श्रद्धांजलि का वक्तव्य पढ़ा जा रहा था तभी एक सदस्य ने उत्सुकतावश पूछा कि क्या सभापति के साथ राज्यसभा के मार्शल हैं। इस पर सभापति एम. वेंकैया नायडू ने तत्काल जवाब दिया कि 'हां, ये मार्शल ही हैं।"

सदन में पांच मौजूदा तथा पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के लिए सम्मान में सदस्यों के खड़े होने के उपरांत कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मार्शलों की नई वर्दी का मुद्दा उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा- 'सर, मार्शल... " तभी नायडू ने उन्हें बीच में ही टोकते हुए कहा- 'प्लीज, हम अभी शोक प्रस्ताव को ले रहे हैं। लेकिन रमेश ने जोर देते हुए कहा कि मार्शलों के परिधान में 'बहुत ही अहम बदलाव है।" इस पर नायडू ने कार्यवाही स्थगित करने से पहले कहा- 'ठीक है, आप हमेशा ही महत्वपूर्ण बिंदु असमय उठाते हैं।"

राज्यसभा ने परंपरा से हटकर दी जेटली को दी श्रद्धांजलि

राज्यसभा ने सोमवार को पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत पांच पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने में परंपरा से हटकर विभिन्न् राजनीतिक दलों को बोलने का मौका दिया। परंपरा के मुताबिक, राज्यसभा के आसंदी (सभापति) दिवंगत सदस्यों के स्मृति लेख पढ़ते हैं और इसके बाद सभी सदस्य खड़े होकर दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं। मौजूदा सदस्य की मृत्यु के मामले में श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाती है और पूर्व सदस्यों के मामले में शोक व्यक्त करने के बाद सूचीबद्ध एजेंडे को लिया जाता है।

लेकिन सभी दलों के नेताओं से जेटली के व्यक्तिगत जुड़ाव को देखते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देने के मामले में सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सदस्यों को भी बोलने की अनुमति दी। नेताओं के बोलने के बाद नायडू ने जेटली तथा राम जेठमलानी (दोनों मौजूदा सदस्य) के सम्मान में सदन की कार्यवाही अपराह्न 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन ने तीन पूर्व सदस्यों- जगन्न्ाथ मिश्र, सुखदेव सिंह लिबरा एवं गुरदास दासगुप्ता को भी श्रद्धांजलि दी।

Posted By: Navodit Saktawat

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