नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र में हिस्सा लेने के लिए सभी सांसद सदन में पहुंच रहे हैं। दोनों सदनों की कार्रवाई शुरू होते ही सबसे पहले अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी समेत अन्य दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई। सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, 2019 का आखिरी सत्र है और बहुत महत्वपूर्ण सत्र है। यह राज्यसभा का 250वां सत्र है। 26 नवंबर को संविधान दिवस है। संविधान देश की एकता, अखंडता और सौंदर्य को अपने में समेटे हुए है।

सदन की कार्रवाई को लेकर पढ़ें हर अपडेट:

- सदन की कर्यवाही जारी है और इस दौरान लोकसभा में विपक्षी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पूछा है कि जम्मू-कश्मीर के नेता फारुख अब्दुल्ला कहां हैं? ये क्या जुल्म हो रहा है? उन्हें सदन में लाया जाए क्योंकि यह उनका संवैधानिक अधिकार है।

- उन्होंने इस दौरान सदन में सोनिया गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने का मुद्दा भी उठाया।

- राज्यसभा में शिवेसेना नेता संजय राउत और गुलाम नबी आजाद ने दिवंगत नेता अरुण जेटली को याद करते हुए कहा कि उनका जाना देश के साथ ही निजी क्षति भी है।

- सदन की कार्रवाई शुरू होते ही कांग्रेस और शिवसेना ने स्थगन प्रस्ताव दिया है। कांग्रेस ने जहां अपना प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर में 370 हटने के मामले में प्रस्ताव दिया है वहीं शिवसेना ने किसानों के मुद्दे पर प्रस्ताव दिया है। बता दें कि शिवसेना के मंत्री के इस्तीफे के बाद अब वो भी विपक्ष में बैठ रही है।

- कांग्रेस की अंतरिम सदस्य सोनिया गांधी संसद पहुंची, हाल ही उनकी एसपीजी सुरक्षा वापिस लिए जाने के बाद वो सदन पहुंची हैं।

- दिल्ली से भाजपा के सांसद मनोज तिवारी और गुजरात से सांसद मनसुख मांडविया साइकिल पर सवार होकर संसद भवन पहुंचे।

- भाजपा सांसद हेमा मालिनी, किरण खेर और वीके सिंह भी संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे।

- संसद के बाहर शिवसेना के सांसद प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र की बारिश को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग कर रहे हैं।

पीएम ने की सबके सहयोग की बात

सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, 2019 का आखिरी सत्र है और बहुत महत्वपूर्ण सत्र है। यह राज्यसभा का 250वां सत्र है। 26 नवंबर को संविधान दिवस है। संविधान देश की एकता, अखंडता और सौंदर्य को अपने में समेटे हुए है।

पीएम ने कहा कि, पिछले दिनों सभी दलों के नेताओं से मिलने का मौका मिला। पिछला सत्र अभूतपूर्व सिद्धियों से भरा रहा, यह सिद्धी पूरे सदन की होती है। सभी सांसद इसके हकदार होते हैं। यह सत्र देश के विकास को गति देगा। मैं सकारात्मक सक्रिय भूमिका के लिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं और आशा करता हूं कि ये सत्र भी देश की विकास यात्रा को, देश को गति देने में और दुनिया जिस तेजी से आगे बढ़ रही है उसके साथ कदम मिलाने का सामर्थ्य हम हमारी संसद में भी प्रकट करें।

इस सत्र में केंद्र सरकार कई अहम बिल पेश कर सकती है जिसमें नागरिकता बिल भी अहम है। 13 दिसंबर तक चलने वाले संसद के इस सत्र में 26 दिनों में 20 दिन सासंद सदन में होंगे जिसमें प्राइवेट मेंबर्स डे भी शामिल है।

केंद्र सरकार संसद के इस सत्र में नागरिकता बिल पास करवाने की कोशिश में है जिसकी मदद से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले आए गैर मुस्लिमों को देश की नागरिकता दी जा सके। 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कुल 47 विधेयक एवं प्रस्ताव संसद में रखे जाने हैं। पहले दिन संसद में चिट फंड (संशोधन) विधेयक, 2019 पेश किया जा सकता है। सत्र में सरोगेसी (रेगुलेशन) बिल, ई-सिगरेट पर प्रतिबंध के लिए विधेयक के अलावा पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019, एंटी मेरीटाइम पाइरेसी बिल 2019, ट्रांसजेंडर पर्सन्स बिल 2019 समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है।

विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति

दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। शीत सत्र के दौरान आर्थिक सुस्ती और कश्मीर जैसे मसलों पर हंगामे के आसार हैं। वहीं कुछ अन्य मुद्दों पर भी विपक्षी दल केंद्र सरकार को घेर सकते हैं।

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